नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत सभी वैश्विक नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री और अन्य राष्ट्राध्यक्षों के बीच बेहतरीन तालमेल और कूटनीतिक गर्मजोशी देखने को मिली।
भारत मंडपम में नेताओं का आगमन
ब्रिक्स समिट की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भारत मंडपम पहुंच चुके हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन के साझा बयान पर सहमति बन चुकी है जिसे शाम 4 बजे जारी किए जाने की संभावना है।
भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, व्यापारिक, ऊर्जा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा की। इस दौरान ओडिशा में यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा 11.5 अरब डॉलर के बड़े ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट में निवेश का स्वागत किया गया। इसके अलावा रक्षा, अंतरिक्ष, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
विदेश मंत्रियों की कूटनीतिक बैठकें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिजेनकोव से मुलाकात कर द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। इसके साथ ही, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग और उज्बेकिस्तान के उप प्रधानमंत्री जमशिद कुचकारोव भी नई दिल्ली पहुंचे हैं, जिनसे द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

More Stories
ब्रिक्स का साझा घोषणापत्र जारी, पीएम मोदी ने दिया संकल्पों को परिणाम में बदलने का संदेश
ईरान-सऊदी की दुश्मनी के बीच भारत का डिप्लोमेसी मास्टरस्ट्रोक, सुबह 4 बजे तक चला मंथन
नई दिल्ली पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर