जयपुर। राजधानी की सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अवैध गतिविधियों का बड़ा खुलासा हुआ है। जेल प्रशासन द्वारा चलाए गए एक सघन तलाशी अभियान के दौरान बैरकों से 13 मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर और डेटा केबल समेत भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई है। इस गंभीर लापरवाही और नियम उल्लंघन को लेकर पुलिस ने 13 बंदियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। अब पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जेल की चारदीवारी के भीतर कैसे पहुंचे।
वार्ड संख्या 10 और 11 में छापेमारी, भारी मात्रा में उपकरण जब्त
लालकोठी थाने के उपनिरीक्षक श्याम सुंदर ने बताया कि कारागार परिसर में सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष तलाशी अभियान चलाया गया था। इस दौरान जब सुरक्षाकर्मियों ने वार्ड संख्या 10 और 11 की बैरकों की सघन तलाशी ली, तो वहां से 13 मोबाइल फोन, सक्रिय सिम कार्ड, चार्जर और डेटा केबल बरामद हुए। जेल के भीतर इतने बड़े पैमाने पर संचार उपकरणों की मौजूदगी सामने आने के बाद जेल प्रहरी मनोज कुमार शर्मा ने लालकोठी थाने में लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी उपकरणों को फॉरेंसिक साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया।
13 बंदियों पर केस दर्ज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने में जुटी पुलिस
जेल प्रहरी की शिकायत पर पुलिस ने 13 कैदियों को नामजद किया है। नामजद आरोपियों में शिवराज, विशाल, ब्रह्मसिंह, देवी सिंह, प्रकाश, कपिल, मुस्ताक अली, विष्णु सिंह, युनुस, भानाराम माली, साहिल गोदारा, कुलवेंद्र और कृष्णा शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि और भूमिका की जांच कर रही है।
जांच अधिकारी जब्त किए गए मोबाइलों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और सिम कार्ड के विवरण का तकनीकी विश्लेषण कर रहे हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि जेल के भीतर से किन बाहरी व्यक्तियों या आपराधिक गिरोहों से लगातार संपर्क साधा जा रहा था और क्या जेल स्टाफ अथवा बाहरी तस्करों की मदद से ये उपकरण अंदर पहुंचाए गए थे।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, पहले मुख्यमंत्री को भी मिल चुकी है धमकी
जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन मिलने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी जेल परिसर से मोबाइल फोन के जरिए राजस्थान के मुख्यमंत्री तक को धमकी दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आ चुका है। उस घटना के बाद जेल प्रशासन ने त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच, आधुनिक स्कैनर और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के कई दावे किए थे। इसके बावजूद बैरकों से इतनी बड़ी तादाद में मोबाइल और चार्जिंग उपकरण बरामद होना जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है।

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