राजनांदगांव: राजनांदगांव जिले में नाबालिग बालिका से संबंधित अपराध में शिथिलता और असंवेदनहीनता बरतने पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में समय पर उचित कदम न उठाने और शुरुआती जांच में लापरवाही पाए जाने के उपरांत पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने गैंदाटोला थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश साहू तथा सहायक उप निरीक्षक मेघनाथ सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि के दौरान रक्षित केंद्र से किया गया संबद्ध
जारी किए गए आधिकारिक आदेश के तहत निलंबित निरीक्षक राजेश साहू और एएसआई मेघनाथ सिन्हा को निलंबन काल के लिए रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) राजनांदगांव में अटैच किया गया है। सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बिना दोनों अधिकारी अपना निर्धारित मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इसके अतिरिक्त नियमानुसार निलंबन अवधि में अधिकारियों को केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही प्रदान किया जाएगा।
एसडीओपी डोंगरगांव को मिली विभागीय जांच की कमान
नाबालिग पीड़िता से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में पुलिस अधिकारियों के स्तर पर हुई लापरवाही की सूक्ष्म पड़ताल के लिए डोंगरगांव की एसडीओपी मंजूलता बाज को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।

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