September 5, 2026

मलबे में 10 दिन तक जिंदगी की जंग, महिला को जिंदा देख रेस्क्यू टीम भी रह गई हैरान

काठमांडू: नेपाल में आए विनाशकारी प्राकृतिक प्रकोप के लगभग 10-11 दिनों के पश्चात राहत एवं बचाव कार्यों में एक अभूतपूर्व और चमत्कारिक सफलता हासिल हुई है। बेट्रावती क्षेत्र में ढहे हुए एक मकान के मलबे के नीचे दबी 60 वर्षीय महिला को नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों के बीच सुरक्षित और जीवित बाहर निकाल लिया है। इतने दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद महिला के सकुशल मिलने से बचाव दलों के साथ-साथ पूरे देश में उम्मीद की नई किरण जगी है।

अत्यंत विषम परिस्थितियों में सशस्त्र बल ने चलाया जोखिम भरा अभियान

मलबे में फंसी महिला को बाहर निकालने का यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने भारी जोखिम उठाते हुए बचाव कार्य को अंजाम दिया। मलबे के नीचे इतने दिनों बाद भी महिला के जीवित मिलने को राहत अभियानों के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस सफलता ने विषम परिस्थितियों में भी मुस्तैदी से डटे सुरक्षाकर्मियों के अदम्य साहस को रेखांकित किया है और यह संदेश दिया है कि खोज अभियान पूरा होने तक उम्मीदें कायम रखनी चाहिए।

अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना स्थल से चीनी नागरिक का सफल रेस्क्यू

इसी दौरान एक और राहत भरी खबर अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना के आपदा प्रभावित इलाके से आई है, जहां बचाव दल ने आपदा के 11वें दिन एक चीनी नागरिक को सुरक्षित जिंदा बाहर निकाला है। सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे निरंतर तलाशी अभियानों के परिणामस्वरूप ही यह संभव हो सका है। इस खबर से उन परिवारों की उम्मीदें बढ़ गई हैं जिनके परिजन अभी भी लापता या प्रभावित स्थानों पर अटके हुए हैं।

सुरक्षा कर्मियों के साहस और जज्बे को मिल रहा सम्मान

नेपाल में जारी राहत अभियानों के बीच सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीमें दिन-रात हर संभावित स्थल पर जीवन की तलाश कर रही हैं। 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला और चीनी नागरिक का इतने दिनों बाद सुरक्षित निकलना यह साबित करता है कि मलबे के नीचे अभी भी जिंदगियां सुरक्षित हो सकती हैं। अत्यंत खतरनाक परिस्थितियों में अपनी जान हथेली पर रखकर दूसरों की रक्षा कर रहे नेपाल के बहादुर सुरक्षा कर्मियों के साहस और समर्पण की चौतरफा सराहना की जा रही है।