September 2, 2026

100 साल पुराने मंदिर पर टूटा कहर, पाकिस्तान में इमारत हुई जमींदोज; प्रशासन ने बताई वजह

लाहौर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को नष्ट किए जाने का मामला सामने आया है। लाहौर से लगभग 130 किलोमीटर दूर नारोवाल जिले के सिरज गांव में स्थित 100 साल से भी अधिक पुराना और 1,000 वर्ग मीटर में फैला एक प्राचीन मंदिर जमींदोज कर दिया गया है। 21 अगस्त को हुई इस घटना के बाद जहां स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय आक्रोशित है, वहीं प्रशासनिक तंत्र इस पूरे मामले को प्राकृतिक आपदा बताकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है।

कट्टरपंथी संगठन पर मंदिर ध्वस्त करने और जमीन हड़पने का आरोप

अल्पसंख्यक नेताओं, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों का आरोप है कि इस वारदात के पीछे कट्टरपंथी धार्मिक-राजनीतिक संगठन 'तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान' (TLP) से जुड़े लोग शामिल हैं। आरोप के अनुसार, साजिश के तहत पहले मंदिर के ढांचे को क्षतिग्रस्त किया गया और फिर भूमि पर अवैध कब्जा जमाने की नीयत से पूरे निर्माण को पूरी तरह से गिरा दिया गया। यही नहीं, तोड़फोड़ के बाद मंदिर के अवशेषों में से कीमती धातुएं, शिखर की फिटिंग्स और ऐतिहासिक ईंटें भी गायब कर दी गईं।

लीज निरस्तीकरण और प्रशासनिक लापरवाही की मार

सामानिक कार्यकर्ता असलम परवेज सहोत्रा के अनुसार, मंदिर परिसर से सटी भूमि पूर्व में एक मदरसे को लीज पर दी गई थी। लंबे समय तक किराया न चुकाए जाने के कारण लीज रद्द कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जाधारियों ने वहां से हटने से मना कर दिया। इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) और स्थानीय प्रशासन द्वारा कब्जाधारियों के खिलाफ कोई कानूनी कदम न उठाए जाने के कारण अंततः ऐतिहासिक मंदिर बलि चढ़ गया।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

पाकिस्तान में ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों पर अवैध कब्जे, देखरेख की कमी और कट्टरपंथियों की सनक के कारण निर्माणों को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। इस ताजा घटनाक्रम के बाद स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय ने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और मंदिर के अविलंब पुनर्निर्माण की पुरजोर मांग की है।