September 1, 2026

बच्चों की परवरिश पर सिंगापुर देगा लाखों की मदद, हर बच्चे के लिए 53 लाख तक का पैकेज

सिंगापुर। देश में लगातार गिर रही जन्मदर की गंभीर समस्या से निपटने और परिवारों को प्रोत्साहित करने के लिए सिंगापुर सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़े आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा की है। नई योजना के तहत 17 वर्ष तक की आयु के प्रत्येक सिंगापुर नागरिक बच्चे को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 70 हजार सिंगापुर डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 53 लाख रुपये) की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का यह बड़ा कदम ऐसे समय में आया है, जब देश की कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर 0.87 पर पहुंच गई है।

पीएम लॉरेंस वोंग की घोषणा, 7 अरब डॉलर का बजट

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने राष्ट्रीय दिवस रैली के अवसर पर परिवारों और बच्चों के कल्याण से जुड़ी इन नई सहायता योजनाओं का ऐलान किया। इस विस्तृत पैकेज में बाल देखभाल सहायता, सुलभ आवास सुविधाएं, माता-पिता के लिए वैतनिक छुट्टियां, चाइल्ड केयर सब्सिडी और प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ शामिल हैं। सरकार का अनुमान है कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान परिवार और मातृत्व-पितृत्व प्रोत्साहन योजनाओं पर लगभग 7 अरब सिंगापुर डॉलर की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी।

17 साल की उम्र तक विभिन्न चरणों में मिलेगा आर्थिक लाभ

नई व्यवस्था के तहत सिंगापुर में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को प्रतिवर्ष 2,000 सिंगापुर डॉलर का 'चाइल्ड क्रेडिट' देने का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, नवजात के परिवारों को 5,000 सिंगापुर डॉलर का शुरुआती अनुदान भी दिया जाएगा। बच्चे के बड़े होने के साथ-साथ विकास के विभिन्न चरणों में अतिरिक्त आर्थिक मदद दी जाएगी, जिसमें पहले से दिए जा रहे 10,000 सिंगापुर डॉलर के 'बेबी गिफ्ट' को भी शामिल किया गया है। इन सभी प्रत्यक्ष लाभों को मिलाकर 17 वर्ष की आयु पूरी होने तक प्रत्येक बच्चे के खाते में कुल 70 हजार सिंगापुर डॉलर तक की प्रत्यक्ष सहायता पहुंचेगी।

आवास में प्राथमिकता और सरकारी नीतियों की चुनौतियां

वित्तीय सहायता के अलावा, सरकार ने माता-पिता के लिए पेरेंटल लीव और फुल-डे चाइल्ड केयर सब्सिडी का दायरा बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। साथ ही, सरकारी आवास योजना (HDB) के तहत आवेदन करने वाले परिवारों को प्रति बच्चे के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें मांग वाले क्षेत्रों में जल्द घर मिल सके। हालांकि, पीएम के भाषण से पूर्व हुए एक सर्वे में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लगभग एक-तिहाई उत्तरदाताओं ने कहा था कि कोई भी सरकारी प्रोत्साहन उन्हें बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित नहीं कर सकता। इसके बावजूद, सरकार को उम्मीद है कि इस आर्थिक मदद और सस्ते प्री-स्कूल नेटवर्क से प्रजनन दर में सुधार देखने को मिलेगा।