September 1, 2026

टिकट बंटवारे पर मचा संग्राम, लाखेरी-केशवरायपाटन में कांग्रेस को झटका

बूंदी। नगर निकाय चुनाव 2026 के नामांकन के अंतिम दिन बूंदी जिले में राजनीतिक हलचल और चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। बूंदी जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही प्रत्याशियों और समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने नगर परिषद के सभी 60 वार्डों में अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सिंबल सूची अंतिम समय में रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष जमा करवाई।

बूंदी नगर परिषद में 385 नामांकन दाखिल

बूंदी नगर परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से विधायक प्रतिनिधि मनीष शर्मा ने सिंबल सूची सौंपी, जबकि भाजपा की ओर से चुनाव प्रभारी महेश विजय और पार्टी पदाधिकारियों ने 60 वार्डों की सूची दाखिल की। रिटर्निंग अधिकारी लक्ष्मी नारायण मीणा के अनुसार, तीन दिनों की नामांकन अवधि के दौरान कुल 385 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। अंतिम दिन जमा किए गए पत्रों की जांच और स्क्रूटिनी के बाद ही वैध और निरस्त नामांकनों की अंतिम स्थिति साफ हो सकेगी।

लाखेरी और केशवरायपाटन में कांग्रेस को झटका

नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस को जिले में दो बड़े संगठनात्मक झटके लगे:

  • लाखेरी: पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व बोर्ड चेयरमैन आशा शर्मा के पति चौथमल पंचोली ने वार्ड 35 से टिकट न मिलने पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें वार्ड 12 से अपना प्रत्याशी बनाया है।

  • केशवरायपाटन: अल्पसंख्यक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इरफान अली ने पार्टी में युवाओं की अनदेखी और टिकट वितरण में पक्षपात का आरोप लगाते हुए प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

नैनवा में बाहरी प्रत्याशी का विरोध, बागी बने चुनौती

दूसरी ओर, नैनवा नगरपालिका के वार्ड 4 में भाजपा को कार्यकर्ताओं के अंदरूनी असंतोष का सामना करना पड़ा। बाहरी प्रत्याशी को टिकट दिए जाने के विरोध में कार्यकर्ताओं ने शहर भाजपा अध्यक्ष के आवास पर प्रदर्शन और नारेबाजी की। स्थानीय प्रत्याशी को मैदान में उतारने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया।

भाजपा का विकास का दावा, कांग्रेस का पलटवार

चुनावी बयानबाजी के बीच दोनों दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं:

  • भाजपा का पक्ष: चुनाव प्रभारी महेश विजय ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार होने के कारण बूंदी नगर निकाय में भी 'कमल' खिलेगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

  • कांग्रेस का पक्ष: बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य की भाजपा सरकार में विकास कार्य ठप हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता भाजपा की नीतियों का जवाब देगी और नगर परिषद में पुनः कांग्रेस का बोर्ड बनेगा।

नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब दोनों ही दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती असंतुष्ट कार्यकर्ताओं और बागी उम्मीदवारों को मनाकर चुनावी समीकरण दुरुस्त करने की है।