September 1, 2026

संकटों के बीच भारत की बड़ी छलांग, 7.8% विकास दर पर पीएम मोदी ने जताया गर्व

नई दिल्ली। भारत की मजबूत जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए साझा किए गए संदेश में उन्होंने इस सफलता को देश की सामूहिक ताकत, अडिग इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम का फल करार दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्तमान में जब वैश्विक परिदृश्य में अशांति और कूटनीतिक तनाव पसरा हुआ है, तब भारत का यह आर्थिक प्रदर्शन अत्यंत उल्लेखनीय है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही उथल-पुथल और आपूर्ति शृंखला में आई बाधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महामारी के बाद से विश्व अर्थव्यवस्था में पूरी तरह स्थिरता नहीं लौट सकी है, इसके बावजूद भारत की प्रगति की रफ्तार कायम है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत रफ्तार

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 7.8 फीसदी की आर्थिक बढ़ोतरी प्रत्येक भारतीय के लिए हर्ष और स्वाभिमान का विषय है। दुनिया भर में जारी सैन्य संघर्षों और आर्थिक संकटों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारत का तेज गति से आगे बढ़ना देश की आंतरिक मजबूती को दर्शाता है। इसी के साथ उन्होंने देश में नकारात्मकता का माहौल बनाने की कोशिश करने वाले विरोधी तत्वों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि निराशावादी सोच को खारिज करते हुए देश ने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। इस गति को भविष्य में भी बनाए रखने के लिए उन्होंने आत्मनिर्भरता के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

स्वदेशी अपनाने और स्थानीय संसाधनों पर जोर

आर्थिक नींव को और अधिक सशक्त करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से स्वदेशी सामानों के उपयोग को अपनी पहली पसंद बनाने का आग्रह किया। उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल' के विज़न को दैनिक जीवन में उतारने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने शादियों के लिए विदेश जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और अनावश्यक रूप से सोने में निवेश करने से बचने की व्यावहारिक सलाह दी। उनका मानना है कि घरेलू उत्पादन और स्वदेशी संसाधनों का अत्यधिक उपयोग ही देश की आर्थिक संप्रभुता को सुरक्षित रखेगा।

2047 तक विकसित राष्ट्र के निर्माण का संकल्प

देश के भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने पूर्ण विश्वास जताया कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत अपनी युवा पीढ़ी को एक पूरी तरह से विकसित और समृद्ध राष्ट्र के रूप में सौंपने में कामयाब रहेगा। उन्होंने सरकार की कल्याणकारी नीतियों और स्पष्ट नीयत का उल्लेख करते हुए 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। अंत में, उन्होंने समस्त देशवासियों से भारत को सफलता की नई बुलंदियों पर ले जाने और इस विकास यात्रा में अपना पूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।