August 25, 2026

‘मेरा बेटा कहां है?’ नाले में तलाशता रहा पिता, हादसे के बाद JE को किया गया सस्पेंड

नई दिल्ली: दिल्ली के जसोला गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पतंग पकड़ने के दौरान 15 वर्षीय एक किशोर अचानक खुले नाले में जा गिरा, जिसके बाद से वह लापता है। कई घंटों के सर्च ऑपरेशन के बाद भी जब बचाव टीमों को सफलता नहीं मिली, तो लाचार पिता अवधेश कुमार अपने बेटे की तलाश में खुद गंदे नाले के कचरे और पानी में उतर गए।

पतंग पकड़ने के दौरान हुआ हादसा

आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला मिथुन अपने परिवार के साथ जसोला गांव में रहता है। शनिवार को वह दोस्तों के साथ पतंग पकड़ने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से उसका पैर फिसल गया और वह खुले नाले में जा गिरा। नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण वह कुछ ही पलों में ओझल हो गया।

सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गोताखोरों की टीमों ने बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू किया। नाले में काफी दूर तक खोजबीन किए जाने के बावजूद मिथुन का कोई सुराग नहीं लग सका है।

बेटे की तलाश में नाले में उतरे बेबस पिता

रेस्क्यू टीम द्वारा काफी देर तक कोई सुराग न मिलने पर मिथुन के पिता अवधेश कुमार का धैर्य जवाब दे गया। अपने कलेजे के टुकड़े की तलाश में वे खुद जहरीले कचरे और तेज बहाव वाले पानी के बीच नाले में उतर गए। वह नंगे हाथों से कचरा हटाकर अपने बेटे को टटोलते दिखे। पिता की यह दर्दनाक हालत देखकर मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।

कार्रवाई और प्रशासनिक रुख

हादसे के कई घंटे बीत जाने के बाद भी किशोर के बारे में कोई जानकारी न मिलने से परिजनों और स्थानीय निवासियों में भारी निराशा है।

  • जिम्मेदारी तय: मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई और संबंधित नाले के रख-रखाव के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए।

  • अधिकारी पर गाज: लापरवाही के इस मामले में प्राथमिक कार्रवाई करते हुए संबंधित कनिष्ठ अभियंता (JE) के खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है।

फिलहाल परिजनों और स्थानीय लोगों की नजरें नाले पर चल रहे बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।