August 21, 2026

उज्जैन में सिगरेट गोदाम चोरी का खुलासा, 31 लाख का माल बरामद

उज्जैन: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के माधव नगर थाना क्षेत्र में स्थित आईटीसी सिगरेट के गोदाम में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गोदाम का ताला तोड़कर 25 से 26 पेटी सिगरेट चुराने वाले गिरोह के दो मुख्य शातिर आरोपियों को पुलिस ने राजस्थान और मुंबई से गिरफ्तार किया है।

31.35 लाख रुपये का मशरूका बरामद

उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के कब्जे से चोरी की सिगरेट, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई कार सहित कुल 31.35 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। यह वारदात 6 और 7 जून की मध्यरात्रि को अंजाम दी गई थी, जिसके बाद से पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं।

चोरी की लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कर दिया वारदात को अंजाम

दशहरा मैदान क्षेत्र में नेहरू पार्क के समीप स्थित माहेश्वरी मार्केटिंग के आईटीसी सिगरेट गोदाम को बदमाशों ने निशाना बनाया था। जांच में सामने आया कि वारदात में प्रयुक्त महिंद्रा XUV 500 गाड़ी उज्जैन के नागझिरी से और XUV 300 मंदसौर के दलौदा से चोरी की गई थी। बदमाशों ने इन्हीं चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल कर सिगरेट की पेटियां लादीं और मौके से फरार हो गए।

CCTV फुटेज और अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए मिली सफलता

घटना के बाद माधव नगर पुलिस ने गोदाम व आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्ध वाहनों की लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर जांच की आंच मध्य प्रदेश से राजस्थान के भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ और अंततः महाराष्ट्र तक पहुंची। 12 अगस्त को सटीक सुराग मिलने के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।

राजस्थान और मुंबई के दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने राजस्थान के पाली निवासी रामपाल उर्फ रामा चौधरी और मुंबई निवासी रेहान उर्फ राजा ठाकुर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से बरामद सामान का विवरण:

  • नकद राशि: 1.35 लाख रुपये

  • सिगरेट (विभिन्न ब्रांड्स): 15 लाख रुपये मूल्य की

  • सोनाटा कार: 15 लाख रुपये मूल्य की

  • कुल जब्ती: 31.35 लाख रुपये

खरीददारों और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से सघन पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि चोरी की गई सिगरेट की पेटियों को उन्होंने अलग-अलग शहरों में बेच दिया था। पुलिस अब उस नेटवर्क का पता लगा रही है जिन्होंने चोरी का माल खरीदा था, साथ ही गिरोह में शामिल अन्य फरार सह-आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।