बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के साथ-साथ श्रमिकों की सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार के विशाल सीमेंट, पावर एंड स्टील प्लांट्स, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्रों तथा अन्य संस्थानों में दिन-रात पसीना बहाने वाले हजारों मजदूरों की वर्षों पुरानी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा द्वारा एक अहम पहल की गई है।
बेहतर इलाज के लिए बड़े जिलों की ओर रुख करने की मजबूरी
सीमेंट, पावर और स्टील फैक्ट्रियों की बहुलता वाले बलौदाबाजार जिले में अब तक गंभीर बीमारियों और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं के वक्त श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे बड़े जिलों की ओर जाना पड़ता था। आपातकालीन स्थितियों में यह लंबी दूरी कई बार जानलेवा साबित होती रही है। इस बड़ी व्यावहारिक समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर उच्चस्तरीय चर्चा की।
200 बिस्तर वाले सर्वसुविधायुक्त अस्पताल का प्रस्ताव
इस मुलाकात के दौरान बलौदाबाजार में 200 बिस्तर वाले सर्वसुविधायुक्त ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा गया। केंद्रीय मंत्री ने इस संवेदनशील जनहित के मुद्दे पर बेहद गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है, जिससे जल्द ही क्षेत्र के मेहनतकश श्रमिकों को एक आधुनिक चिकित्सालय की सौगात मिलने का मार्ग प्रशस्त होता दिख रहा है।
आंकड़ों में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत ढांचा
बलौदाबाजार जिले में वर्तमान में 17,942 पंजीकृत कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि सामाजिक सुरक्षा के तहत 18,308 बीमित व्यक्तियों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। बीमितों की यह बड़ी संख्या इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षा चक्र का यह लाभ न केवल श्रमिकों, बल्कि उनके पूरे परिवार तक पहुँच रहा है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 31 मार्च 2025 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में 15,66,430 कर्मचारी ईएसआईसी के दायरे में पंजीकृत हैं, जिनमें 6,27,260 बीमित पुरुष और 79,237 बीमित महिलाएं शामिल हैं। राज्य में ईएसआईसी के तहत कुल 37,283 नियोजक पंजीकृत हैं, जिनमें से 13,426 सक्रिय रूप से अपना योगदान दे रहे हैं।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की यह व्यवस्था श्रमिकों को केवल चिकित्सा सुविधा ही नहीं, बल्कि बीमारी, मातृत्व और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान आवश्यक आर्थिक संबल भी प्रदान करती है। बलौदाबाजार में 200 बिस्तर वाले इस नए अस्पताल के निर्माण से संगठित श्रमिक वर्ग में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी।

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