भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना (PMSSS) के तहत फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे दो कश्मीरी छात्रों को कथित तौर पर प्रताड़ित करने और किराए का मकान खाली करने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में हस्तक्षेप किया है।
हॉस्टल न मिलने पर किराए के मकान में रह रहे थे छात्र
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने इस संबंध में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की थी। एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहमी के अनुसार, ट्रुबा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में अध्ययनरत ये दोनों छात्र कॉलेज में हॉस्टल की व्यवस्था न होने के कारण शहर में किराए का कमरा लेकर रह रहे थे।
क्षेत्रीय लोगों द्वारा कमरा खाली कराने का दबाव
एसोसिएशन का आरोप है कि स्थानीय सोसाइटी के कुछ सदस्यों और असामाजिक तत्वों द्वारा छात्रों पर कश्मीरी होने के आधार पर मकान खाली करने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। इसके अतिरिक्त मकान मालिक को भी धमकी दी गई थी कि यदि छात्रों से परिसर खाली नहीं कराया गया तो वे जबरन घुसकर उन्हें बाहर निकाल देंगे। इस पूरे घटनाक्रम से छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और निवासियों को सख्त हिदायत
मामले को संज्ञान में लेते हुए भोपाल पुलिस तुरंत हरकत में आई। भोपाल जोन-4 के पुलिस उपायुक्त (DCP) आदर्शकांत शुक्ल ने बताया कि पुलिस ने सोसाइटी के निवासियों के साथ बैठक कर उन्हें किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण आचरण से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। डीसीपी शुक्ल ने स्वयं दोनों पीड़ित छात्रों से मिलकर स्थिति की जानकारी ली, जिसके बाद छात्रों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उन्हें निवासियों से सीधे तौर पर किसी व्यक्तिगत खतरे की आशंका नहीं है।

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