August 18, 2026

IPS अफसर की मां की हत्या से सनसनी, संदिग्ध हालात और गायब जेवरों ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर सेवारत आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय बुजुर्ग मां इंद्रावती की अज्ञात बदमाशों द्वारा लूटपाट के बाद हत्या किए जाने का एक अत्यंत सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार की सुबह अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रूढ़ा धमरूआ गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर उनका शव संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ। मृतका के मुंह से खून बह रहा था और उनके शरीर पर पहने हुए सोने-चांदी के तमाम जेवरात भी गायब मिले।

घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी सोमेन वर्मा, पुलिस अधीक्षक (SP) प्राची सिंह सहित भारी पुलिस बल और तमाम आला अधिकारियों ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया। प्राथमिक जांच के दौरान वृद्धा के मुंह में कपड़ा ठूसे जाने और संघर्ष के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट और हत्या की धाराओं में गंभीर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।

पैतृक गांव में अकेली रह रही थीं बुजुर्ग इंद्रावती

मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ गांव की निवासी 91 वर्षीय इंद्रावती पिछले करीब दो सप्ताह से अपने गांव स्थित पैतृक घर में अकेली रह रही थीं। शनिवार की दोपहर को उनके सुपुत्र और आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा अपनी मां से मिलने और उनका हालचाल जानने के लिए गांव आए थे, किंतु अपनी सरकारी ड्यूटी के चलते वे कुछ ही देर रुककर वापस लखनऊ लौट गए थे।

चाचा ने दी एसपी को मां की मौत की सूचना

रविवार की सुबह लगभग 10 बजे आईपीएस आशुतोष मिश्रा को उनके चाचा सचिंद्र मिश्रा ने फोन पर यह सूचना दी कि उनकी मां इंद्रावती को दिल का दौरा (हार्ट अटैक) आया है और उनका निधन हो गया है। यह दुखद खबर मिलते ही वे फौरन लखनऊ से अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए और घर पहुंचे। घर पहुंचने के बाद जब उन्होंने अपनी मां के शव का करीब से निरीक्षण किया, तो उन्हें अनहोनी का संदेह हुआ।

उन्होंने देखा कि मां के मुंह से खून निकल रहा था और उनके शरीर पर मौजूद पारंपरिक गहने गायब थे। उनके गले से सोने की चेन, सोने के दानों वाली तुलसी की माला, नाक की कील, कान के टप्स और पैरों में पहनी जाने वाली चांदी की पायल पूरी तरह नदारद थीं। इन गंभीर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने लूट के बाद हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

फोरेंसिक और सर्विलांस टीमों ने खंगाले साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सोमेन वर्मा और एसपी प्राची सिंह ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से साक्ष्य जुटाए। मामले के खुलासे के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों, सर्विलांस विंग और एसओजी (SOG) की टीमों को तुरंत मैदान में उतार दिया गया है। आसपास के स्थानीय ग्रामीणों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। डीआईजी सोमेन वर्मा ने मीडिया को बताया कि अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान, विसरा सुरक्षित

रविवार देर रात प्राप्त हुई इंद्रावती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, जिसके चलते डॉक्टरों ने बिसरा (Visera) सुरक्षित रख लिया है। हालांकि, पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान मृतका के मुंह और हाथों पर संघर्ष के दौरान आई चोट के कई निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस मेडिकल रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

घर के आसपास सीसीटीवी कैमरों का अभाव

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतका के घर पर या उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ है। इसके अलावा आस-पड़ोस के किसी भी घर में कैमरे न होने के कारण पुलिस को इस मामले में अभी तक कोई भी ठोस इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल साक्ष्य हाथ नहीं लग पाया है, जिससे अपराधियों की तलाश में कुछ कठिनाई आ रही है।

आईपीएस आशुतोष मिश्रा का पारिवारिक परिचय

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी आशुतोष मिश्रा का चयन वर्ष 1998 में पुलिस सेवा में हुआ था। वर्ष 2016 में पदोन्नति के उपरांत वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी बने। अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने मुरादाबाद, बहराइच, अलीगढ़, बाराबंकी और डीजीपी मुख्यालय जैसे तमाम महत्वपूर्ण पदों पर अपनी निष्ठावान सेवाएं दी हैं। वे 29 नवंबर 2023 से पुलिस मुख्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

उनकी दो बहनें—लक्ष्मी (जो लखनऊ में निवास करती हैं) और श्रद्धा (जो मुंबई में रहती हैं)—हैं। मां की आकस्मिक और दुखद मृत्यु की सूचना पाकर लक्ष्मी लखनऊ से पैतृक गांव पहुंच चुकी हैं, जबकि श्रद्धा के भी मुंबई से देर रात तक गांव पहुंचने की बात ग्रामीणों द्वारा बताई जा रही है।

अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था पर उठाए तीखे सवाल

पुलिस मुख्यालय में तैनात एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की माताजी के साथ हुई इस सनसनीखेज लूट और हत्या की वारदात ने अब तूल पकड़ लिया है और यह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा है कि अंबेडकरनगर जिले में एक आईपीएस अधिकारी की माताजी की हत्या का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है, उत्तर प्रदेश में जब पुलिस के परिवार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।