नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक भाषण जितना अधिक राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहता है, उनका पारंपरिक पहनावा और लुक भी उतना ही देश-दुनिया में सुर्खियां बटोरता है। 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के मौके पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर अपने बेहद खास और पारंपरिक अंदाज में नजर आए।
इस बार उनके संपूर्ण लुक का सबसे बड़ा मुख्य आकर्षण लाल टोन वाला पारंपरिक बांधनी या टाई-डाई साफा रहा, जिसके साथ एक लंबा फॉलिंग एंड (पिछला सिरा) बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा था। इसके साथ उन्होंने हमेशा की तरह सादा सफेद कुर्ता-पायजामा और एक शालीन चॉकलेट-ब्राउन रंग की स्लीवलेस जैकेट पहनी हुई थी। उनके इस पहनावे में तिरंगे के तीनों रंगों को खूबसूरती से शामिल करने के लिए पॉकेट स्क्वायर को भी बहुत ही खास अंदाज में सजाया गया था। उनका यह नया अंदाज वर्ष 2025 की भगवा पगड़ी और मैचिंग जैकेट से काफी अलग था। वहीं, अगर बात करें वर्ष 2024 की, तो उस साल प्रधानमंत्री ने मल्टीकलर राजस्थानी लेहरिया साफे के साथ नीले रंग की जैकेट चुनी थी।
प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस लुक की सबसे बड़ी विशेषता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक वर्ष के स्वतंत्रता दिवस लुक में कुछ न कुछ नया और अनूठा जरूर देखने को मिलता है। पिछले 13 वर्षों से उनके पहनावे में एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई देता आया है—सादगी से भरपूर पारंपरिक आउटफिट और उसके साथ अलग-अलग रंगों की सुंदर पगड़ी या साफा। यही अनोखा कॉम्बिनेशन अब उनके स्वतंत्रता दिवस फैशन की एक सिग्नेचर पहचान बन चुका है। उनकी पगड़ियों में हमेशा अलग-अलग रंग, पारंपरिक प्रिंट और समृद्ध क्षेत्रीय प्रभाव देखने को मिलते हैं, जिससे उनका यह लुक केवल एक फैशनेबल पहनावा न रहकर भारतीय संस्कृति, कला और विविधता से गहराई से जुड़ा हुआ नजर आता है।
लाल बांधनी साफा बना इस साल का सबसे बड़ा हाईलाइट
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वर्ष 2026 के इस विशेष लुक में सबसे पहले नजर प्रधानमंत्री के सिर पर सजे पारंपरिक साफे पर पड़ती है।
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लाल रंग की टाई-डाई पगड़ी या रेड बांधनी साफा, जिसमें एक लंबा पिछला सिरा लटका हुआ था, बहुत फब रहा था।
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उनके बीते कई वर्षों के स्वतंत्रता दिवस लुक्स की तरह यह साफा भी इस बार एक अनूठी पहचान दे रहा था।
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उनकी यह पगड़ी केवल फैशन के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि भारतीय पारंपरिक वस्त्र कला (टेक्सटाइल) और क्षेत्रीय हस्तशिल्प को देश के सबसे बड़े सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शित करने की उनकी पुरानी शैली का ही एक हिस्सा है।
सफेद कुर्ता-पायजामा ने प्रदान किया क्लीन बेस
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साफे के इस अत्यंत बोल्ड और चमकीले रंग के साथ प्रधानमंत्री ने क्लासिक सफेद कुर्ता-पायजामा पहना।
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सफेद रंग ने उनके पूरे पहनावे को बेहतरीन तरीके से संतुलित (बैलेंस) किया।
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इसके कारण सिर पर बंधा लाल रंग ही उनका मुख्य विजुअल फोकस बनकर उभरा।
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वर्ष 2026 के इस पूरे लुक में यही संतुलन सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाला रहा।
चॉकलेट-ब्राउन जैकेट से दिखा नया और शालीन ट्विस्ट
पिछले वर्ष जहां प्रधानमंत्री ने सैफ्रन टर्बन (भगवा पगड़ी) के साथ उससे मेल खाती हुई भगवा या नारंगी रंग की स्लीवलेस जैकेट पहनी थी, वहीं वर्ष 2026 में पहनी गई चॉकलेट-ब्राउन जैकेट ने उनके इस लुक को और अधिक प्राकृतिक व शालीन बना दिया। यह बदलाव इसलिए भी काफी खास रहा क्योंकि इस बार जैकेट के रंग को साफे के रंग से सीधे मैच करने के बजाय एक खूबसूरत न्यूट्रल कॉन्ट्रास्ट तैयार किया गया था। इसके अलावा, इस साल के उनके लुक का एक और ध्यान खींचने वाला हिस्सा उनकी जेब में सजा नारंगी, सफेद और हरे रंगों के शेड्स वाला पॉकेट स्क्वायर रहा, जिससे आउटफिट में राष्ट्रीय ध्वज के रंग बहुत ही शालीनता से झलके।
वर्ष 2026 बनाम 2024, लेहरिया से लेकर बांधनी तक का सफर
वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री ने पारंपरिक राजस्थानी लेहरिया साफा पहना था, जिसमें नारंगी, पीले और हरे जैसे रंगों का खूबसूरत लेहरिया पैटर्न दिखाई दिया था और उसके साथ उन्होंने सफेद कुर्ता व नीले रंग की जैकेट पहनी थी। इसके विपरीत, वर्ष 2026 में यह साफा बदलकर लाल टाई-डाई बांधनी में नजर आया। यानी दोनों ही वर्षों के लुक्स में क्षेत्रीय टेक्सटाइल परंपरा और भारतीय संस्कृति का यह अनूठा जुड़ाव पूरी तरह बरकरार रहा है।

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