नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण और जवाब की मांग की गई है। संसद परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए खरगे ने यह स्पष्ट किया कि संसद के भीतर विपक्ष का विरोध और रुख पूरी दृढ़ता के साथ यथावत जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस राजनीतिक गतिरोध के बीच विपक्षी दल अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और वे अपनी पूर्व निर्धारित रणनीति के अनुसार ही आगे बढ़ते रहेंगे।
विपक्षी दलों का संसद परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी
बुधवार के दिन संसद परिसर के भीतर विपक्षी दलों के तमाम नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा 'अमित शाह जवाब दो' के नारे लगाकर सदन को गूंजायमान कर दिया गया। विपक्ष का मुख्य निशाना राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों में छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित बल प्रयोग का मुद्दा रहा, जिसके चलते केंद्रीय गृह मंत्री को लगातार घेरा जा रहा है।
संसदीय कामकाज और विधायी कार्य
संसद की विधायी कार्यप्रणाली के अंतर्गत फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 को इसी वर्ष 25 मार्च को लोकसभा के पटल पर प्रस्तुत किया गया था, जिस पर वर्तमान में संसद के भीतर विचार-विमर्श की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त, संशोधित एफसीआरए नियम, 2026 को 22 जून को विधिवत रूप से नोटिफाई किया जा चुका है और ये वर्तमान में प्रभावी हैं। हालांकि, इन विधायी कार्यों के बीच छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर मचे भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
प्रियंका गांधी वाड्रा का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम से पहले कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी केंद्रीय गृह मंत्री पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने देश भर में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ऊपर लाठियों और पैलेट गन जैसी हिंसक सामग्रियों के कथित इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए। मीडिया के साथ चर्चा करते हुए उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि आखिर इस प्रकार की बर्बरता के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब हजारों की संख्या में छात्र अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर एकत्र होते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं और पैलेट गन का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार जैसे राज्यों में तो प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। छात्रों के इन विरोध प्रदर्शनों और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सरकार तथा विपक्ष के बीच चल रहा यह तीखा टकराव संसद के सुचारू संचालन में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहा है।

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