August 12, 2026

19 हजार महिलाओं को लाड़ली बहना योजना से हटाया गया, जानिए क्या है वजह

इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार की बहुचर्चित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि को एक हजार रुपए से बढ़ाकर पंद्रह सौ रुपए कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के आर्थिक केंद्र कहे जाने वाले इंदौर जिले में इस योजना से लाभान्वित होने वाली महिलाओं की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले साढ़े तीन सालों के दौरान जिले में इस योजना के दायरे से हजारों महिलाएं बाहर हो चुकी हैं।

बढ़ी हुई सहायता राशि और घटता हुआ दायरा

एक तरफ जहां सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में सहायता राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की है, वहीं दूसरी ओर लाभार्थियों की कुल संख्या में करीब बीस हजार की कमी आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नियमानुसार अपात्र होने या अन्य तकनीकी कारणों के चलते महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे कुल लाभार्थियों का आंकड़ा कम हुआ है।

आयु सीमा और तकनीकी खामियां बनीं मुख्य वजह

सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना से महिलाओं के बाहर होने का सबसे बड़ा कारण उनकी आयु का साठ वर्ष पूरा होना है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में अकेले इसी वजह से चौदह हजार से अधिक महिलाएं योजना के दायरे से बाहर हो चुकी हैं। इसके अलावा समग्र आईडी में गड़बड़ी, आधार कार्ड का मिलान न होना, कुछ महिलाओं द्वारा स्वेच्छा से योजना का त्याग करना, और दुर्भाग्यवश कुछ हितग्राहियों का निधन हो जाना भी इस कमी के मुख्य कारण रहे हैं।

नए पंजीयन बंद होने से घट रही है कुल संख्या

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नए पात्र हितग्राहियों को जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है, जबकि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत फिलहाल नए पंजीयन की प्रक्रिया बंद है। यही कारण है कि मौजूदा सूची से नाम हटने के बाद नए नाम न जुड़ पाने के कारण कुल लाभार्थियों की संख्या में लगातार स्वाभाविक गिरावट देखने को मिल रही है।