नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स' का औपचारिक विमोचन किया। इस गरिमामयी समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति के साथ अपने दशकों पुराने संबंधों को याद करते हुए उनके सरल स्वभाव, जीवन संघर्षों और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान की खुलकर सराहना की।
भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए अनमोल विरासत है यह पुस्तक
पुस्तक विमोचन के अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि रामनाथ कोविंद की यह आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए एक ऐतिहासिक और अनमोल धरोहर साबित होगी। उन्होंने देशवासियों, विशेषकर युवा पीढ़ी से इस किताब को पढ़ने का आह्वान किया, ताकि वे एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाले व्यक्तित्व के जीवन संघर्षों और अनुभवों से प्रेरणा ले सकें। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि इस पुस्तक का शीर्षक बिल्कुल सटीक है, क्योंकि इसमें व्यक्तिगत संघर्षों के साथ-साथ भारतीय गणतंत्र की जीत की कहानी समाहित है।
पूर्व राष्ट्रपति के विनम्र स्वभाव और प्रेरणादायक संस्मरण
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति के साथ बिताए पलों और उनके असाधारण संस्कारों को भी साझा किया। उन्होंने कोविंद की उस शालीनता का जिक्र किया जिसके तहत वे प्रोटोकॉल से परे जाकर मेहमानों और प्रधानमंत्री को विदा करने वाहन तक आते थे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति के जीवन से जुड़े उस मार्मिक प्रसंग का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने अपनी माता को एक अग्निकांड में खो दिया था। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पुस्तक लेखन से जुड़े अपने संस्मरण उपस्थितजन के सामने रखे और इसे अपने जीवन की भावनाओं की सच्ची अभिव्यक्ति बताया।

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