सूरत: गुजरात के सूरत शहर स्थित न्यू सिविल हॉस्पिटल के हॉस्टल में रहने वाले युवा डॉक्टर हर्ष पंड्या के बहुचर्चित आत्महत्या मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर खुलासा सामने आया है। इस संवेदनशील मामले की उच्च स्तरीय जांच के दौरान जूनियर छात्रों के साथ होने वाली रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर तथ्य उजागर होने के बाद अस्पताल और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। जूनियर छात्रों द्वारा दी गई लिखित शिकायतों और बयानों को पूरी तरह सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को छह महीने की लंबी अवधि के लिए निलंबित कर दिया है।
एंटी रैगिंग कमेटी की गहन जांच में सामने आए प्रताड़ना के पुख्ता प्रमाण
प्राप्त आधिकारिक जानकारियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद हरकत में आई कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने देर रात तक अत्यंत गहन और निष्पक्ष जांच-पड़ताल की। इस दौरान कमेटी के सदस्यों ने लगभग नौ जूनियर छात्रों से व्यक्तिगत रूप से आमने-सामने बैठकर लंबी पूछताछ की। इस गुप्त और विस्तृत पूछताछ के दौरान जूनियर छात्रों ने अपने सीनियर डॉक्टरों के अमानवीय व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना और लगातार की जा रही रैगिंग की घटनाओं का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कमेटी के समक्ष अपनी लिखित आपबीती और साक्ष्य दर्ज कराए।
जूनियर छात्रों की लिखित शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
कमेटी के समक्ष जूनियर छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस सबूतों और उनकी लिखित शिकायतों का गहराई से विश्लेषण करने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि हॉस्टल परिसर में सीनियर डॉक्टरों द्वारा लंबे समय से जूनियरों का उत्पीड़न किया जा रहा था। इस गंभीर अनुशासनहीनता और रैगिंग के पुख्ता प्रमाण मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने बिना किसी विलंब के कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी चारों सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के खिलाफ निलंबन की यह बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है, ताकि चिकित्सा संस्थानों में इस तरह की अवांछित गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन हुआ पूरी तरह सतर्क
डॉक्टर हर्ष पंड्या की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद सामने आए रैगिंग के इस काले सच ने पूरे मेडिकल जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद से न्यू सिविल हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज का प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और हॉस्टल परिसरों में सुरक्षा तथा अनुशासन बनाए रखने के लिए नए एवं कड़े दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में यदि किसी भी छात्र या रेजिडेंट डॉक्टर द्वारा रैगिंग या प्रताड़ना जैसी हरकत पाई गई, तो उनके खिलाफ और भी अधिक कठोर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

More Stories
संपत्ति कर बकायेदारों के लिए खुशखबरी, 762 निकायों में लागू हुई OTS योजना
2.45 करोड़ की ठगी के आरोप में लेडी डॉन सुमता बिश्नोई गिरफ्तार, पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा
बालाजी मंदिर में चेन काटने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार, भीड़ में श्रद्धालुओं को बनाती थीं शिकार