नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को शहर में बढ़ती बेसहारा पशुओं की समस्या, अवैध रूप से संचालित डेयरियों और बोरवेल के आवेदनों के नाम पर चल रही अवैध वसूली जैसे गंभीर विषयों पर सदन के भीतर जोरदार चर्चा देखने को मिली। राजधानी के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए विधायकों ने सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के कारण हो रहे सड़क हादसों, नगर निगम (MCD) कर्मचारियों के साथ होने वाली मारपीट और अवैध निर्माण के मामलों को पुरजोर तरीके से उठाया। इस दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोक भी हुई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट तलब करने का आश्वासन दिया है।
डेयरियों और एमसीडी की मिलीभगत से सड़कों पर बढ़ रहे बेसहारा पशु
सदन की कार्यवाही के दौरान भारतीय जनता पार्टी के विधायक हरीश खुराना ने यह गंभीर आरोप लगाया कि दिल्ली में निराश्रित और बेसहारा पशुओं की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध धंधे के पीछे नगर निगम के अधिकारियों और डेयरी मालिकों की गहरी मिलीभगत है। इसी कड़ी में बीजेपी विधायक सूर्यप्रकाश खत्री ने कहा कि यह समस्या किसी एक वार्ड या इलाके की नहीं बल्कि पूरी दिल्ली की है, इसलिए डेयरी माफिया पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन को ठोस और कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
एमसीडी कर्मचारियों की सुरक्षा और सड़कों पर पशु छोड़ने वालों पर कानून की मांग
बेसहारा मवेशियों को पकड़ने के दौरान निगम कर्मियों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इसे उठाते हुए बीजेपी विधायक राजकुमार भाटिया ने सदन को बताया कि जब एमसीडी के कर्मचारी सड़कों से गायों को पकड़ने जाते हैं, तो उनके साथ दबंगों द्वारा मारपीट की जाती है, इसलिए कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। वहीं, विधायक करनैल सिंह और वीरेंद्र सिंह कादियान ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी प्रावधान बनाने की मांग की जो अपने मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं, ताकि हादसों को रोका जा सके।
अवैध पार्किंग, अवैध निर्माण और बोरवेल सूची के जरिए जबरन वसूली का मुद्दा
चर्चा को आगे बढ़ाते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने राजधानी में अवैध पार्किंग की गंभीर समस्या पर संज्ञान लेने की मांग की, जबकि भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने ओखला और ब्रिजपुरी क्षेत्रों में संकीर्ण गलियों में बन रही सात-सात मंजिला इमारतों का मुद्दा उठाकर अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई। इसके अलावा, बीजेपी विधायक अशोक गोयल ने पानी के संकट और बोरवेल का जिक्र करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया कि पूर्व में बोरवेल को नियमित करने के लिए जो ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे, अब कुछ शरारती तत्व उस सूची का दुरुपयोग करके आम नागरिकों को ब्लैकमेल कर रहे हैं और उनसे जबरन वसूली कर रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मामले को संज्ञान में लेकर रिपोर्ट मांगने का दिया आश्वासन
सदन के भीतर विभिन्न विधायकों द्वारा उठाए गए इन तमाम गंभीर मुद्दों और हंगामे को सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण और चिंताजनक विषय करार दिया। अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेसहारा पशुओं, अवैध डेयरियों और नागरिकों की ब्लैकमेलिंग से जुड़े इन सभी मामलों की तह तक जाने के लिए नगर निगम (MCD) से आधिकारिक रिपोर्ट मंगाई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार सदन और प्रशासन द्वारा उचित तथा सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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