मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के जाने-माने और दिग्गज फंड मैनेजर समीर अरोड़ा के 'हेलिओस फ्लेक्सीकैप फंड' ने जुलाई महीने के दौरान अपने निवेश पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल (री-शफल) किया है। लगभग आठ हजार पचपन करोड़ रुपये के भारी-भरकम एसेट बेस वाले इस प्रमुख फंड ने जहां एक तरफ पेप्सीको की प्रसिद्ध बॉटलर कंपनी वरुण बेवरेजेस (Varun Beverages) सहित दो बड़े शेयरों से अपनी पूरी पूंजी बाहर निकाल ली है, वहीं दूसरी ओर भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) जैसी पांच दमदार कंपनियों में नए सिरे से ताजा निवेश किया है। जुलाई माह के अंत तक इस फंड के कुल पोर्टफोलियो में इहत्तर शेयर शामिल थे, जिसमें इक्विटी की हिस्सेदारी 98.5 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी हुई है।
भेल और इंडिगो सहित इन पांच नए शेयरों की हुई पोर्टफोलियो में एंट्री
फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने जुलाई महीने के दौरान जिन पांच प्रमुख कंपनियों के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में पहली बार शामिल किया है, उनमें सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भेल (BHEL) सबसे आगे है। फंड ने इसके सत्रह लाख अस्सी हजार शेयर खरीदे हैं, जो कुल पोर्टफोलियो का 0.90 प्रतिशत हिस्सा है और हाल ही में कंपनी ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। इसके अलावा देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की पैरेंट कंपनी में 1.4 लाख शेयर, एसबीआई म्यूचुअल फंड की नई लिस्टेड एएमसी कंपनी में 9.7 लाख शेयर, प्रीमियम इनरवियर बनाने वाली पेज इंडस्ट्रीज में 15,000 शेयर और एनबीएफसी सेक्टर की पूनावाला फिनकॉर्प में 5.8 लाख शेयर खरीदे गए हैं।
वरुण बेवरेजेस और इंडिया शेल्टर फाइनेंस के शेयरों से किया पूरा एग्जिट
एक तरफ जहां फंड ने नए शेयरों में पैसे लगाए हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों से पूरी तरह से किनारा भी कर लिया है। समीर अरोड़ा के इस फंड ने पेप्सीको के बड़े बॉटलर 'वरुण बेवरेजेस' के अपने पास मौजूद सभी सत्रह लाख पचास हजार शेयर पूरी तरह बेच दिए हैं, जबकि जून के अंत तक इस शेयर की पोर्टफोलियो में 1.2 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसके साथ ही अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस क्षेत्र से जुड़ी कंपनी 'इंडिया शेल्टर फाइनेंस' के भी सभी तिरानवे हजार शेयर बेचकर इस कंपनी से पूरी तरह से बाहर (एग्जिट) होने का फैसला किया गया है।
इटरनल और स्विगी समेत इन कंपनियों में बढ़ाई अपनी हिस्सेदारी
पोर्टफोलियो में पहले से मौजूद चुनिंदा बेहतरीन होल्डिंग्स में हेलिओस फ्लेक्सीकैप फंड ने अपनी पकड़ और मजबूत की है। फंड ने 'Eternal' के शेयरों में सबसे बड़ी खरीदारी करते हुए इकतालीस लाख नए शेयर जोड़े हैं, जिसके बाद यह अब ₹8,055 करोड़ के कुल पोर्टफोलियो का 4.4 प्रतिशत हिस्सा यानी सबसे बड़ी होल्डिंग बन गया है। इसके अलावा दिल्लीवरी में छह लाख, वी-टू रिटेल में 7.7 लाख, फूड डिलीवरी दिग्गज स्विगी में 3.6 लाख, पेटीएम (One 97 Communications) में दो लाख और बजाज फाइनेंस में ढाई लाख नए शेयर जोड़े गए हैं, जबकि बीएसई और एमसीएक्स के शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की गई है।
बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश का रुझान
जुलाई माह के अंत तक के आंकड़ों के अनुसार, इस फ्लेक्सीकैप फंड का सबसे बड़ा निवेश आवंटन बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में देखा गया है। फंड का कुल पैसा बैंकिंग में 10.9 प्रतिशत, फाइनेंस में 9.7 प्रतिशत, कैपिटल मार्केट्स में 9.3 प्रतिशत, रिटेलिंग में 7.3 प्रतिशत और ट्रांसपोर्ट सर्विसेज में 4.9 प्रतिशत के हिसाब से लगा हुआ है। फंड की टॉप पांच होल्डिंग्स में इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड, एचडीएफसी बैंक और पेटीएम प्रमुख रूप से शामिल हैं, जबकि मार्केट कैप के आधार पर फंड का इकसठ प्रतिशत हिस्सा लार्जकैप, 19.5 प्रतिशत मिडकैप और 19.4 प्रतिशत हिस्सा स्मॉलकैप कंपनियों में निवेशित है।

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