शाहजहांपुर| उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में सोलर प्लेट चोरी के मामले में आरोपी बनाए गए एक बाइक मिस्त्री उमेश वर्मा की संदिग्थ परिस्थितियों में हुई मौत के बाद भारी हंगामा देखने को मिला है। आक्रोशित स्वजनों और ग्रामीणों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर तिलहर-निगोही मार्ग पर पूरी तरह जाम लगा दिया है। स्वजनों ने पुलिसकर्मियों पर हिरासत के दौरान बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगाया है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। इस पूरे मामले में मृतक के स्वजनों की शिकायत पर गांव के ही रहने वाले राममूर्ति और उसके चार बेटों— अशोक, देवेंद्र, प्रेमचंद्र तथा सत्यभान के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवियापुर सतनुआ गांव के रहने वाले उमेश वर्मा पेशे से एक बाइक मिस्त्री थे और वे डडिया बाजार स्थित एक दुकान पर काम करते थे। मृतक के बड़े भाई सर्वेश ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गत दो अगस्त को राममूर्ति नामक व्यक्ति ने उमेश पर सोलर प्लेट चोरी करने का एक झूठा आरोप मढ़ा था। इस संबंध में बिरसिंगपुर पुलिस चौकी पर उमेश के विरुद्ध एक लिखित तहरीर भी दी गई थी।
आरोप है कि पुलिस उसी दिन पूछताछ के नाम पर उमेश को चौकी पर उठाकर ले आई थी। पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पचड़े से बचने के लिए उमेश ने या तो सोलर प्लेट वापस देने या फिर उसके एवज में पैसे देने की बात कही थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया था।
फंदे से लटका मिला शव, स्वजनों में आक्रोश
बुधवार की रात को बाइक मिस्त्री उमेश का शव गांव से कुछ ही दूरी पर पेड़ से फंदे से लटका हुआ बरामद हुआ था। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराए जाने के बाद स्वजन गुरुवार की शाम को शव लेकर अपने घर पहुँचे थे। रात अधिक हो जाने के कारण उस समय अंतिम संस्कार (अंत्येष्टि) नहीं किया जा सका था। इसके बाद शुक्रवार की सुबह आक्रोशित ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने गांव से कुछ दूर स्थित मुख्य तिलहर-निगोही मार्ग पर आवागमन ठप करते हुए जोरदार जाम लगा दिया।
पुलिस पर मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर आरोप
स्वजनों का आरोप है कि जब पुलिसकर्मी उमेश को पूछताछ के लिए चौकी पर ले गए थे, तब वहाँ खाकी का डर दिखाकर उसके साथ गंभीर मारपीट और प्रताड़ना की गई थी। परिवार का कहना है कि इसी पुलिसिया उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर ही उमेश ने यह कदम उठाया है। प्रदर्शन कर रहे लोग उमेश की पिटाई करने वाले और इसके लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल निलंबन और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि मनाने में जुटे
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) ग्रामीण दिक्षा भंवरे और क्षेत्राधिकारी (CO) विदुश सक्सेना भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण बिना किसी ठोस कार्रवाई के जाम हटाने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा स्थानीय विधायक सलोना कुशवाहा भी मौके पर मौजूद हैं और लगातार नाराज लोगों को शांत कराने का प्रयास कर रही हैं।

More Stories
भारतीय वायुसेना में महिला शक्ति का नया अध्याय, स्क्वाड्रन लीडर भावना ने हासिल किया ‘टॉप गन’ खिताब
हादसे के बाद हिंसा का तांडव, पटना में उपद्रवियों ने वाहनों में लगाई आग
राहुल गांधी मामले में CBI का एक्शन, याचिकाकर्ता को पूछताछ के लिए बुलाया