रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सदन के भीतर रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा गर्माया रहा। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया, जिससे सदन का माहौल तुरंत गरमा गया।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाई विवादित परीक्षाओं को रद्द कर अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग
सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुखर होकर जेपीएससी और जेएसएससी की सभी विवादित परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग रखी। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अदालत की सीधी निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई।
सत्ता पक्ष की ओर से मिला पलटवार, मंत्री सुदिव्य कुमार ने पूर्व की परीक्षाओं के दौर का दिया हवाला
विपक्ष के तीखे हमलों का जवाब देते हुए सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार ने मोर्चा संभाला और विपक्ष से पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान हुई पहली और दूसरी सिविल सेवा परीक्षाओं की कार्यप्रणाली पर भी स्पष्टीकरण देने की बात कही, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
भाजपा विधायकों के वेल में आकर नारेबाजी के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक के लिए करनी पड़ी स्थगित
बहस के दौरान आक्रोशित भाजपा विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन व्यवस्था न बनने के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 12:30 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

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