श्रीनगर: अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने भगवती नगर (जम्मू) स्थित बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा काफिलों की आवाजाही पर भी अस्थाई रोक लगा दी गई है।
एहतियातन रोकी गई अमरनाथ यात्रा
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर आज सुबह किसी भी नए जत्थे को पहलगाम और बालटाल बेस कैंपों के लिए रवाना नहीं होने दिया गया। कश्मीर को देश से जोड़ने वाले एकमात्र बारहमासी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर सुरक्षा बलों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया है, ताकि संवेदनशील समय में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रदेश भर में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
संभावित आतंकी गतिविधियों और राजनीतिक प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश में कड़ा पहरा लगाया गया है। सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ रामबन और कुलगाम में सीआरपीएफ और पुलिस द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार द्वारा आर्टिकल 370 और 35A को निरस्त किए जाने के बाद से यह दिन राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील माना जाता है।
सियासी घमासान और विरोध प्रदर्शन
वर्षगांठ के मौके पर घाटी में सियासी बयानबाजी चरम पर है। जहां पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में मोमबत्तियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने भी अलग-अलग कार्यक्रमों की घोषणा की है। किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

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