देशभर में कितने हैं कैलाश पर्वत? जानें लोकेशन, खूबसूरत देख फटी रह जाएंगी आंखें

हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है. आमतौर पर जब कैलाश पर्वत की बात होती है, तो लोगों के मन में तिब्बत स्थित पवित्र माउंट कैलाश का नाम आता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में भी कई ऐसे पर्वत हैं, जिन्हें स्थानीय मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं के कारण ‘कैलाश’ कहा जाता है. ये सभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और ट्रेकिंग अनुभव के लिए प्रसिद्ध हैं. आइए जानते हैं देश के प्रमुख कैलाश पर्वतों और वहां घूमने की जानकारी.
1. आदि कैलाश (उत्तराखंड)

आदि कैलाश, जिसे छोटा कैलाश भी कहा जाता है, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित है. इसे भगवान शिव का प्रतीक स्वरूप माना जाता है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ट्रेकर्स पहुंचते हैं. यहां के पास स्थित पार्वती सरोवर भी प्रमुख आकर्षण है. यात्रा आमतौर पर धारचूला से शुरू होती है और सड़क व ट्रेक दोनों का अनुभव मिलता है.
2. ओम पर्वत (उत्तराखंड)
हालांकि ओम पर्वत का नाम कैलाश नहीं है, लेकिन इसे अक्सर आदि कैलाश यात्रा का हिस्सा माना जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि पर्वत पर प्राकृतिक रूप से बर्फ की परत ‘ॐ’ का आकार बनाती हुई दिखाई देती है. यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए बेहद आस्था का केंद्र है.
3. किन्नर कैलाश (हिमाचल प्रदेश)
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित किन्नर कैलाश भगवान शिव से जुड़ा एक प्रमुख तीर्थ माना जाता है. यहां लगभग 79 फीट ऊंची प्राकृतिक चट्टान (शिवलिंग) है, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व रखती है. यह ट्रेक कठिन माना जाता है और इसे पूरा करने में अच्छी शारीरिक क्षमता की जरूरत होती है.
4. श्रीखंड महादेव (हिमाचल प्रदेश)
श्रीखंड महादेव को कई श्रद्धालु कैलाश स्वरूप मानते हैं. यहां लगभग 72 फीट ऊंचा प्राकृतिक शिवलिंग है. यह हिमालय के सबसे कठिन धार्मिक ट्रेक में से एक माना जाता है और हर साल सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.
क्या भारत में यही कैलाश हैं?
भारत में आदि कैलाश और किन्नर कैलाश सबसे प्रसिद्ध ‘कैलाश’ माने जाते हैं. वहीं श्रीखंड महादेव और ओम पर्वत भी शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं. हालांकि, मूल माउंट कैलाश तिब्बत (चीन के स्वायत्त क्षेत्र) में स्थित है और वही हिंदू, बौद्ध, जैन तथा बोन धर्म के लिए सबसे पवित्र कैलाश माना जाता है.