इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के पॉश बॉम्बे हॉस्पिटल क्षेत्र में गुरुवार को पारिवारिक कलह का एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया, जब पति-पत्नी के बीच हुआ निजी विवाद अचानक सड़क पर खुलेआम बवाल में बदल गया। देखते ही देखते वहां राहगीरों और तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई तथा कई लोगों ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल के कैमरों में कैद कर लिया। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक शख्स अपनी ही पत्नी के साथ बीच सड़क पर मारपीट करता हुआ साफ तौर पर नजर आ रहा है, जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।
विवाद बढ़ने पर पति ने निकाली बेल्ट, राहगीर की सूझबूझ से बची महिला
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार शुरुआत में दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हुई थी, जो कुछ ही पलों में इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक जा पहुंचा। गुस्से में बेकाबू हुए पति ने कथित तौर पर अपनी बेल्ट निकालकर महिला के साथ सरेराह मारपीट शुरू कर दी। वायरल फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पीड़ित महिला खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि वहां खड़े लोग मूकदर्शक बने तमाशा देख रहे थे। हालांकि, बाद में भीड़ में से एक साहसी राहगीर आगे आया और उसने बीच-बचाव कर किसी तरह महिला को उस गुस्से से बचाया।
मोबाइल छीनकर सड़क पर फेंकने का आरोप, वीडियो बनाने वाले शख्स की भूमिका पर सस्पेंस
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि मारपीट के दौरान आक्रोशित पति ने महिला के हाथ से उसका मोबाइल फोन भी झटक कर जोर से सड़क पर फेंक दिया, जिससे वह पूरी तरह टूट गया। इस दौरान वहां मौजूद कई अन्य लोग अपने स्मार्टफोनों से इस पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे, जो बाद में इंटरनेट पर वायरल हो गया। वायरल हो रहे इस वीडियो में एक अन्य व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड करता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके बारे में सोशल मीडिया पर यह चर्चा है कि वह कोई पुलिसकर्मी हो सकता है, हालांकि स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस कर रही है मामले की गहन जांच, पारिवारिक तनाव के पीछे के कारणों की तलाश
घटना के तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है और वायरल वीडियो के आधार पर सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में पति का यह रोना था कि उसका वर्षों पुराना बसा-बसाया परिवार टूट गया है, लेकिन उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटना के बाद से एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी आपात स्थिति में लोग मदद करने के बजाय तमाशा क्यों देखते हैं, और पुलिस अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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