मूंग खरीदी को लेकर छिड़ा लेटर वॉर, केंद्र-एमपी सरकार के बीच बढ़ी तकरार

भोपाल। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और हरदा समेत आसपास के जिलों में समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी न होने से किसानों का असंतोष गहराता जा रहा है। इस बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की है। केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया है कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को देश में मूंग खरीदी का सर्वाधिक कोटा आवंटित किया है, लेकिन राज्य सरकार अब तक स्वीकृत मात्रा का मात्र 2 प्रतिशत ही खरीद पाई है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य पूरा होने के पश्चात ही अतिरिक्त कोटे की मांग पर विचार किया जाएगा।

स्वीकृत कोटे की धीमी चाल और केंद्रीय दिशा-निर्देश

पत्र में उल्लेख किया गया है कि केंद्र ने राज्य के लिए 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी का कोटा मंजूर किया है, जिसके मुकाबले 16 जुलाई 2026 तक केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग ही खरीदी जा सकी है। इससे महज 12 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि मूल्य समर्थन योजना (PSS) के नियमों के अनुसार तूर, उड़द और मसूर के अतिरिक्त अन्य अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही की जा सकती है। विगत ग्रीष्मकालीन सत्र (2024-25) में 4.19 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 3.93 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई थी, जिससे 1.22 लाख से अधिक किसानों को 3,413 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था।

किसानों का भोपाल मार्च और आंदोलन की चेतावनी

खरीदी में देरी और अन्य कृषि संबंधी मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश ने 27 जुलाई से नर्मदापुरम के सेठानी घाट से 'किसान क्रांति पदयात्रा' का आगाज किया है। यह पदयात्रा बुधनी, बरखेड़ा और मंडीदीप होते हुए 29-30 जुलाई को राजधानी भोपाल पहुंचेगी। किसान संगठनों की योजना ट्रैक्टरों और आवश्यक सामग्रियों के साथ मुख्यमंत्री निवास की ओर रुख करने की है। किसान नेताओं ने चेताया है कि यदि मुख्यमंत्री के साथ वार्ता में कोई सकारात्मक हल नहीं निकला, तो भोपाल में चक्काजाम करने के साथ ओबेदुल्लागंज और मिसरोद के बीच रेल यातायात भी प्रभावित किया जा सकता है।