छपरा: सारण जिले के मांझी नगर पंचायत अंतर्गत उत्तर टोला का माहौल उस समय अत्यंत शोकाकुल हो गया, जब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के शहीद हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए समूचे क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर घर के प्रांगण में पहुंचा, परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा माहौल अत्यंत भावुक हो उठा और वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
कर्तव्य पथ पर मालदा में दिया सर्वोच्च बलिदान
हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ड्यूटी के दौरान हुई अचानक गोलीबारी की घटना में वे अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए शहीद हो गए। मातृभूमि की सुरक्षा करते हुए उनके इस सर्वोच्च बलिदान ने पूरे सारण जिले को गर्व की अनुभूति कराने के साथ-साथ गहरे शोक में डुबो दिया है।
जनप्रतिनिधियों और जनसैलाब ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे। स्थानीय विधायक रणधीर कुमार सिंह ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं और सरकार तथा प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का पूर्ण आश्वासन दिया।
अमर नारों और पुष्पवर्षा के बीच निकली अंतिम यात्रा
अंतिम यात्रा के प्रारंभ होते ही पूरा गांव 'भारत माता की जय' और 'अजय कुमार सिंह अमर रहें' के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। ग्रामीणों और युवाओं ने अपने प्रिय वीर योद्धा के अंतिम सफर पर अश्रुपूरित आंखों से पुष्पवर्षा की। पैतृक गांव की गलियां उस समय अत्यंत भावुक दृश्यों की साक्षी बनीं, जब हर नागरिक अपने अमर शहीद को नमन कर रहा था।
अमर रहेगा वीर सपूत का त्याग और समर्पण
शहीद अजय कुमार सिंह की अंतिम विदाई के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में दिया गया उनका यह त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने जिस निष्ठा, अदम्य साहस और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सपूत हमेशा जन-जन के दिलों में अमर रहते हैं।

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