ओटावा: कनाडा और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए एक व्यापक संयुक्त अभियान के तहत बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। इस ऐतिहासिक कार्रवाई में एजेंसियों ने करीब 1.7 टन अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1160 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। मामले में 13 पंजाबी मूल के नागरिकों सहित कुल 21 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। दो देशों की पुलिस और खुफिया तंत्र द्वारा की गई इस संयुक्त कार्रवाई से सीमा पार सक्रिय नशीले पदार्थों के गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
कमर्शियल ट्रकिंग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का दुरुपयोग कर तस्कर
जांच एजेंसियों के अनुसार इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने कमर्शियल ट्रकिंग क्षेत्र में एक सुव्यवस्थित ब्रोकर-स्टाइल नेटवर्क स्थापित कर रखा था। आरोपी वैध लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की आड़ में अपने काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे। वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कोकीन और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए व्यापारिक माल और मालवाहक ट्रकों का गलत इस्तेमाल करते थे। इस गिरोह ने अत्यंत संगठित तरीके से कनाडा और अमेरिका के बीच अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति का ढांचा तैयार किया था।
जनवरी से जारी जांच के बाद विभिन्न शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी
इस जांच की शुरुआत जनवरी में विंडसर पुलिस सर्विस द्वारा की गई थी, जिसमें बाद में कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी, अमेरिका की होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस और ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन जैसी शीर्ष एजेंसियां शामिल हुईं। टोरंटो पुलिस और पील रीजनल पुलिस के सहयोग से जमीनी स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने के बाद मार्खम, कैलेडन और ब्रैम्पटन जैसे प्रमुख शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के नामों का खुलासा
सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किए गए 21 में से 20 आरोपियों की पहचान सार्वजनिक कर दी है, जिनमें गगनदीप थिंदल, सिमरनजीत सिंह और कंवरपाल कुलार जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सीमा पार संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी में लगा हुआ था। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
कनाडा में भारतीय युवाओं और छात्रों के लिए गंभीर चेतावनी
कनाडा के वरिष्ठ समाज चिंतक जोगिंदर सिंह ने इस स्थिति पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब से अध्ययन वीजा अथवा रोजगार की तलाश में आए कई युवा आर्थिक दबाव और प्रलोभन के कारण इन आपराधिक गिरोहों के जाल में फंस रहे हैं। ट्रकिंग क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को लालच देकर गलत रास्तों पर धकेला जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि उत्तरी अमेरिका में ड्रग्स से जुड़े कानून बेहद कड़े हैं और किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि में संलिप्तता करियर और जीवन दोनों को तबाह कर सकती है।

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