गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले से एक बेहद घिनौना और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल के संविदा शिक्षक को एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद से इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। खास बात यह है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी किए जाने से महज एक दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक की सेवाएं समाप्त (बर्खास्त) कर दी थीं।
बहाने से घर बुलाकर छात्रा को बनाया था बंधक
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक की पहचान अमित शर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के सतना जिले का रहने वाला है। वह गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के एक प्रमुख स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में संस्कृत विषय के संविदा शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा था।
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घटना का विवरण: पीड़ित परिवार की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, आरोपी शिक्षक ने अपनी ही स्कूल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा को किसी बहाने से अपने घर बुलाया और वहां उसे जबरन बंधक बनाकर काफी देर तक रोके रखा।
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गंभीर आरोप: पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग छात्रा के साथ गंभीर यौन अपराध को अंजाम दिया। घटना के बाद डरी-सहमी पीड़िता ने आपबीती अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान जुड़े पॉक्सो एक्ट और गंभीर धाराएं
शुरुआती दौर में परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच-पड़ताल शुरू की थी। हालांकि, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान दर्ज हुए, वैसे-वैसे मामले में दुष्कर्म के गंभीर आरोप खुलकर सामने आए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में पॉक्सो एक्ट और अन्य कठोर धाराएं जोड़ दीं।
शिक्षा विभाग की सख्ती और त्वरित गिरफ्तारी
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सेवाओं से बर्खास्तगी: मामले की गंभीरता और इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने बिना किसी देरी के आरोपी संविदा शिक्षक को उसकी नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
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न्यायिक रिमांड: विभाग द्वारा बर्खास्तगी की कार्रवाई किए जाने के ठीक अगले ही दिन पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी शिक्षक को धर दबोचा। इसके बाद उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत (रिमांड) पर जेल भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की अत्यंत बारीकी से तफ्तीश की जा रही है तथा पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

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