मुंबई में भारी बारिश का असर, रतलाम मंडल की कई ट्रेनें रद्द

रतलाम: पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल में आने वाले घोलवड़ और उमरगाम रोड स्टेशनों के बीच मूसलाधार बारिश ने रेल यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पटरियों पर पानी भरने और पुल क्रमांक 203 के पास जलस्तर खतरे के निशान को पार करने से दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर रतलाम रेल मंडल से गुजरने वाली गाड़ियों पर पड़ा है, जिसके चलते कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से समाप्त (शॉर्ट टर्मिनेट) करना पड़ा है।

पटरियों पर पानी भरने से परिचालन ठप

रेलवे प्रशासन के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जलजमाव के कारण मुंबई की ओर जाने वाली कई महत्वपूर्ण गाड़ियों को रतलाम मंडल के अलग-अलग स्टेशनों पर ही रोक दिया गया। जलस्तर सामान्य होने और पटरियों की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही इस मार्ग पर परिचालन बहाल किया जाएगा।

रद्द और आंशिक रूप से निरस्त की गई ट्रेनें

यातायात बाधित होने से इंदौर, अमृतसर, अजमेर और जयपुर से मुंबई की तरफ जाने व आने वाली कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।

  • रद्द ट्रेनें: इंदौर-मुंबई सेंट्रल (12961/12962/12227/12228), अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस (12904/12926), अजमेर-बांद्रा (12995/12996), वलसाड-हिसार (04728), बरौनी-बांद्रा (19037/19038), हरिद्वार-बांद्रा (19019/19020) और जयपुर-बांद्रा (12479/12480) जैसी कई गाड़ियां अलग-अलग तिथियों में पूरी तरह निरस्त कर दी गई हैं।

  • आंशिक रूप से प्रभावित: गोरखपुर-बांद्रा (19092) को अंकलेश्वर जंक्शन पर ही समाप्त कर दिया गया, जबकि एर्नाकुलम-निजामुद्दीन (22655) की यात्रा उमरगाम रोड स्टेशन पर रोक दी गई।

फंसे यात्रियों के लिए भोजन और पानी का प्रबंध

विभिन्न स्टेशनों पर फंसी ट्रेनों के यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दिया। रतलाम, नागदा, मेघनगर, थांदला और नामली जैसे रेलवे स्टेशनों पर रोकी गई गाड़ियों के यात्रियों के लिए खिचड़ी, पोहा, फल और पीने के साफ पानी की व्यवस्था की गई। इस राहत कार्य में स्थानीय सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी रेलवे की टीम के साथ मिलकर बढ़-चढ़कर सहयोग किया।