गांधीनगर:गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा 23 जुलाई 2026 को प्रातः 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक के जारी अद्यतन विवरण के अनुसार, प्रदेश के दक्षिण गुजराती अंचल में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मात्र छह घंटों की अल्प अवधि में कई तहसीलों और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट पर है।
मात्र छह घंटों में कई तालुकाओं में बाढ़ जैसी स्थिति
दक्षिण गुजरात के तटीय और मैदानी इलाकों में सुबह से ही बादलों की गड़गड़ाहट के साथ अनवरत वर्षा का दौर जारी है। सुबह छह बजे से दोपहर बारह बजे के बीच हुई भीषण बारिश के कारण सड़कें, जल निकासी नाले और निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं। कई प्रमुख मार्गों पर जलजमाव होने से यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई है, जिसके चलते आम नागरिकों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।
सूरत के उमरपाड़ा तालुका में 283 मिमी रिकॉर्ड तोड़ बारिश
बारिश के आधिकारिक आंकड़ों की समीक्षा करें तो सूरत जिले का उमरपाड़ा तालुका प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। इस क्षेत्र में सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच मात्र छः घंटों के दौरान रिकॉर्ड 283 मिलीमीटर (11.14 इंच) मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। इतनी कम समय सीमा में भारी मात्रा में पानी बरसने से पूरे क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और कई गांवों का संपर्क आपस में कटने की कगार पर पहुंच गया है।
वलसाड के उमरगाम में भारी वर्षा से हाहाकार
सूरत के साथ-साथ वलसाड जिले में भी बादलों का तांडव देखने को मिल रहा है। वलसाड जिले के उमरगाम क्षेत्र में भारी वर्षा का प्रचंड रूप सामने आया, जहां महज छह घंटों के भीतर 251 मिलीमीटर (9.88 इंच) बारिश मापी गई। इस भीषण वर्षा के कारण उमरगाम के रिहाइशी इलाकों और बाजार क्षेत्रों में पानी घुस गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक अमला सतर्क और स्थानीय लोगों से एहतियात बरतने की अपील
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन टीमों को अति-संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। बारिश की तीव्रता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तटीय व निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनते नालों के आसपास न जाएं तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क साधें।

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