चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने नाबालिगों द्वारा सड़कों पर बेधड़क वाहन चलाने के बढ़ते मामलों पर पूरी तरह से शिकंजा कसने का बड़ा फैसला किया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा और नागरिकों की जान-माल के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस संदर्भ में कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई नाबालिग सड़क पर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो केवल उस पर ही नहीं, बल्कि उसके माता-पिता, अभिभावकों तथा वाहन मालिक के खिलाफ भी भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग ड्राइविंग रोकने के लिए परिवहन विभाग का कड़ा रुख
परिवहन मंत्री ने राज्य भर के वाहन चालकों और अभिभावकों को सचेत करते हुए कहा कि नाबालिगों के हाथों में स्टियारिंंग थमाना सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो रहा है। अगर कोई भी कम उम्र का चालक सड़क पर वाहन दौड़ाते पाया गया तो इसकी सीधी जिम्मेदारी उसके माता-पिता या गाड़ी के पंजीकृत मालिक की होगी। नए एवं सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत अब ऐसे मामलों में तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि इस जानलेवा प्रवृत्ति पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और लाइसेंस पर 25 साल का प्रतिबंध
सरकार द्वारा लागू की जा रही नई व्यवस्था के अंतर्गत यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो मौके पर ही भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही लापरवाही में इस्तेमाल किए गए वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र तुरंत रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाते हुए वाहन चला रहे नाबालिग को 25 वर्ष की आयु पूरी होने तक स्थायी रूप से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
सड़क सुरक्षा और जन-धन की रक्षा को लेकर सख्त संदेश
राज्य के परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में सड़क सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कम उम्र में गाड़ी चलाना केवल यातायात नियमों का उल्लंघन मात्र नहीं है, बल्कि यह निर्दोष लोगों और स्वयं उस बच्चे की जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसा है। इसी गंभीर पहलू को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह अब तक का सबसे कठोर निर्णय लिया है ताकि पंजाब की सड़कों को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सके।
नागरिकों में जागरूकता और कानून के कड़ाई से पालन की जरूरत
प्रशासन ने आम जनता और विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी समझें तथा अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न सौंपें। सरकार की इस सख्त पहल का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि समाज में इस जानलेवा आदत के प्रति जागरूकता फैलाना और कानून का कड़ाई से पालन कराना है। अधिकारियों का मानना है कि अभिभावकों के सहयोग और कड़े कानूनों के संतुलन से ही हादसों में कमी लाई जा सकेगी।

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