अनंतनाग: दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में लाल चौक के पास अचानक हुए एक खौफनाक वारदात में आतंकियों ने गश्त पर तैनात पुलिस दल को अपना निशाना बनाया। दोपहर लगभग 12:30 बजे हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी में ड्यूटी पर तैनात एक हेड कांस्टेबल गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्होंने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हमले के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद खून से लथपथ जवान को नजदीकी राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), अनंतनाग ले जाया गया। डॉक्टरों की पूरी टीम ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण वह जिंदगी की जंग हार गए। शहीद जवान की पहचान बडगाम जिले के बीरवाह क्षेत्र के निवासी के रूप में की गई है। जवान की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में मातम छा गया है।
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेवारी
इस कायराना हरकत की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी समूह 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक टीआरएफ, पाकिस्तान आधारित आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया चेहरा है, जो 2019 में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद वजूद में आया था। केंद्र सरकार ने इस संगठन की देश विरोधी गतिविधियों को देखते हुए 5 जनवरी 2023 को इसे आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन घोषित किया था।
इलाके में तलाशी अभियान और हाई अलर्ट
वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए हमलावरों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने पूरे लाल चौक और आसपास के इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया है। अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों और पुलिस बल की तैनाती के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। चूंकि यह घटना पवित्र अमरनाथ यात्रा के बीच घटी है—जब पूरे राज्य में पहले से ही बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा लागू है—इसलिए खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त मुस्तैदी बरत रही हैं ताकि आतंकियों के किसी भी मंसूबे को नाकाम किया जा सके।

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