नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के विषय पर गतिरोध बना हुआ है। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार नीट मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए पहले दिन से ही पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चर्चा स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही होनी चाहिए। रिजिजू के अनुसार, चर्चा की तिथि, समय-सीमा और नियम सभी राजनीतिक दलों के floor leaders (सदन के नेताओं) के साथ विचार-विमर्श करके तय किए जाने चाहिए, क्योंकि सरकार देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विषयों पर सार्थक बहस चाहती है।
संसद के दोनों सदनों में हंगामा, कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित
विपक्ष के लगातार जारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों की कार्यवाही को एक बार फिर रोकना पड़ा। लोकसभा की बैठक शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अध्यक्ष ओम बिरला के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अखिलेश यादव ने अभ्यर्थियों के अधिकारों की वकालत करते हुए कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार को तुरंत इस विषय पर चर्चा करानी चाहिए।
अखिलेश और स्पीकर के बीच तीखी नोकझोंक
अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने टिप्पणी की कि जब सरकार स्वयं इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति जता चुकी है, तब सदन में नारेबाजी और हंगामा करने का कोई औचित्य नहीं बनता। हालांकि, विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे को थमता न देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए मुल्तवी करने का फैसला सुनाया।

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