नई दिल्ली: राजधानी में छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती अब एक बड़ा राजनीतिक संग्राम बन चुकी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल जाकर NEET मुद्दे पर सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ आतिशी और सौरभ भारद्वाज समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
जलियांवाला बाग से तुलना, केजरीवाल ने सरकार को घेरा
अस्पताल में घायलों का हाल जानने के बाद अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने निहत्थे युवाओं पर अत्यधिक बल प्रयोग करके अंग्रेजों की क्रूरता को भी पीछे छोड़ दिया है। केजरीवाल ने इस घटना की तुलना जलियांवाला बाग कांड से करते हुए कहा कि हाथ जोड़कर खड़े छात्रों पर लाठियां बरसाना लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने का चिंताजनक प्रयास है।
दिल्ली पुलिस का दावा: 118 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, संसद की ओर बढ़ रहे उपद्रवियों ने बैरिकेड्स तोड़ने के साथ-साथ पुलिस और सरकारी वाहनों पर पथराव किया। पुलिस का दावा है कि इस हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के बीच हुई झड़प में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
जे.पी. नड्डा से मुलाकात और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
उधर, सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने साफ किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, पीड़ित परिवारों को मुआवजे और सोनम वांगचुक की रिहाई तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से वार्ता का रास्ता खुला रखने की बात कही गई है।

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