अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने यौन शोषण की शिकार बच्चियों की सुरक्षा और इंसाफ दिलाने वाले सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा मामला ढोलका तालुका के एक गांव से जुड़ा है, जहां एक 43 वर्षीय वकील प्रणयराज रणवीर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी वकील पर आरोप है कि उसने किसी और के साथ नहीं, बल्कि उसी नाबालिग पीड़िता के साथ इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया, जिसका न्याय दिलाने के लिए वह खुद अदालत में केस लड़ रहा था।
केस लड़ने वाले रक्षक ही बन बैठे भक्षक
पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वकील प्रणयराज रणवीर उसका केस लड़ रहा था और इसी का फायदा उठाकर उसने नाबालिग के साथ बलात्कार किया। इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वकील ने पीड़िता को मुंह बंद रखने और किसी को भी इस बारे में न बताने की सख्त धमकी दी थी। बच्ची के साथ हुए इस दोहरे उत्पीड़न के बाद जब मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, तो पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वकील को सलाखों के पीछे भेज दिया।
अपहरण और पहले भी यौन उत्पीड़न की शिकार रही है पीड़िता
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह नाबालिग बच्ची पहले भी एक बेहद दर्दनाक दौर से गुजर चुकी है। सितंबर 2025 में जब वह मात्र 12 वर्ष की थी, तब कुछ बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया था। अपहरण के बाद दो आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था, जिसकी शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और इसी मामले की कानूनी पैरवी आरोपी वकील प्रणयराज कर रहा था।
न्याय प्रणाली और बच्चों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस बेहद संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद पूरे कानूनी और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। समाज में न्याय की आखिरी उम्मीद माने जाने वाले वकील द्वारा ही इस तरह का घिनौना कृत्य किए जाने से लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी वकील के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़िता को उचित सुरक्षा व मानसिक संबल प्रदान करने की मांग की है।

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