भाजपा से अलग होने के बाद अन्नामलाई के बदले तेवर, धर्म और राजनीति पर दिया बड़ा संदेश

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपने नए सामाजिक-राजनीतिक संगठन ‘वी द लीडर्स’ (We the Leaders) के जरिए भविष्य के इरादे साफ कर दिए हैं। पोल्लाची में आयोजित इस फाउंडेशन के पहले बड़े सम्मेलन में उन्होंने साफ संकेत दिए कि यह मुहिम आने वाले समय में एक नए राजनीतिक दल की शक्ल अख्तियार कर सकती है। अपने संबोधन में अन्नामलाई ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर समानता, राष्ट्रवाद और जनकल्याण पर आधारित राजनीति की पुरजोर वकालत की।

धर्म और राजनीति पर व्यक्तिगत दृष्टिकोण

सम्मेलन के दौरान अन्नामलाई ने अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से हिंदू हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में कदम रखते ही वह जाति और धर्म की पहचान को पीछे छोड़ देते हैं। उनका मानना है कि हर जगह धर्म का प्रदर्शन करना जरूरी नहीं है। उन्होंने वास्तविक हिंदू दर्शन का हवाला देते हुए कहा कि यह विचार समाज में सभी को समान दर्जा देता है और किसी भी तरह के भेदभाव या ऊंच-नीच को खारिज करता है।

तमिल अस्मिता और राष्ट्रवाद का अनूठा संगम

अन्नामलाई ने अपने भाषण में क्षेत्रीय पहचान और राष्ट्रवाद के बीच संतुलन बनाने की बात कही। उन्होंने गर्व से कहा कि वह जितने बड़े भारतीय हैं, उतने ही समर्पित तमिल भी हैं। उनके मुताबिक, तमिल संस्कृति और भारतीय राष्ट्रवाद एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे को पूरा करते हैं। उन्होंने एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया जो समाज में बिखराव पैदा करने के बजाय लोगों को एकजुट करने का काम करे।

क्षेत्रीय दलों के प्रति बदला रुख

इस मौके पर अन्नामलाई के बयानों में तमिलनाडु के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य, विशेषकर तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को लेकर एक नरम रुख देखने को मिला। उन्होंने युवा वर्ग की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य की सियासी दिशा तय करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। हालांकि, उन्होंने किसी भी दल या मुख्यमंत्री सी. विजय के साथ औपचारिक गठबंधन की खबरों को जल्दबाजी करार दिया, लेकिन उनके इस बदले रुख को भविष्य की नई राजनीतिक संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

नशामुक्ति और सामाजिक सुधारों का संकल्प

भाजपा से अलग होने के बाद अपने इस पहले बड़े शक्ति प्रदर्शन में अन्नामलाई ने आगामी छह महीनों का रोडमैप भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका संगठन पर्यावरण और नशामुक्त समाज जैसे छह मुख्य मुद्दों पर काम करेगा। इस सम्मेलन में मादक पदार्थों के खिलाफ कई अहम प्रस्ताव भी पास किए गए। इसके साथ ही, समाज को नशे की लत से बचाने के लिए हर साल जुलाई महीने को ‘व्हाइट बैंड मंथ’ के तौर पर मनाने का फैसला किया गया है, जिसके तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा।