पटना। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP/BMP) के वर्ष 2009 बैच के जवानों ने सरकार से वरिष्ठता, पदोन्नति और वेतनमान में कथित असमानता को दूर करने की मांग की है। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जवानों ने आरोप लगाया कि समान भर्ती प्रक्रिया और समान प्रशिक्षण के बावजूद उन्हें जिला पुलिस और रेल पुलिस के जवानों की तुलना में पदोन्नति और आर्थिक लाभ से वंचित रखा जा रहा है। जवानों का कहना है कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2009 के विज्ञापन के तहत बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अनुसार हुई थी। इसी भर्ती प्रक्रिया के तहत जिला पुलिस, रेल पुलिस और BSAP/BMP के जवानों का चयन हुआ था। तीनों संवर्गों की शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा, चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण पूरी तरह समान थे। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नियुक्ति के बाद केवल BSAP/BMP के जवानों की वरिष्ठता अलग कर दी गई, जबकि जिला पुलिस और रेल पुलिस की वरिष्ठता एक समान रखी गई। जवानों का कहना है कि इस निर्णय का सीधा असर उनकी पदोन्नति और सेवा संबंधी अधिकारों पर पड़ा है। जवानों ने बताया कि उनके ही बैच के जिला पुलिस के कर्मी अब सहायक अवर निरीक्षक (ASI) के पद पर पदोन्नत हो चुके हैं। इतना ही नहीं, वर्ष 2010 में नियुक्त कई जूनियर कर्मी भी ASI बन गए हैं, जबकि BSAP/BMP के वर्ष 2009 बैच के जवान आज भी सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। वहीं वर्ष 2007 बैच के कई जवानों को अब तक हवलदार पद पर भी पदोन्नति नहीं मिल सकी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था के कारण उन्हें दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर पदोन्नति में वर्षों की देरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर वेतनमान में भी अंतर बना हुआ है। जिला पुलिस में ASI बनने पर लेवल-5 का वेतनमान मिलता है, जबकि BSAP/BMP में हवलदार बनने पर केवल लेवल-4 का वेतनमान मिलता है। इससे समान भर्ती और समान प्रशिक्षण के बावजूद पद, वेतन और सम्मान—तीनों स्तरों पर असमानता पैदा हो रही है। जवानों ने यह भी कहा कि सबसे अधिक पीड़ादायक स्थिति तब होती है, जब उनके जूनियर अधिकारी बन जाने के बाद सेवा नियमों के तहत उन्हें सलामी देते हैं। इससे BSAP/BMP के जवानों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंच रही है। प्रेस विज्ञप्ति में जवानों ने कहा कि BSAP/BMP के कर्मी भी कानून-व्यवस्था, दंगा नियंत्रण, चुनाव ड्यूटी, वीआईपी सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में समान रूप से अपनी सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद उनके साथ अलग व्यवहार किया जाना न्यायसंगत नहीं है। जवानों ने मीडिया के माध्यम से बिहार सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि BSAP/BMP के जवानों के साथ वरिष्ठता एवं पदोन्नति में हो रही विसंगतियों को दूर किया जाए तथा समान भर्ती और समान प्रशिक्षण के आधार पर समान अवसर, समान पदोन्नति और न्याय सुनिश्चित किया जाए।

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