फु क्वोक (वियतनाम)। वियतनाम का प्रसिद्ध और खूबसूरत पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप एक भीषण हादसे का गवाह बना, जहां भारतीय सैलानियों से भरी एक तेज रफ्तार स्पीडबोट समंदर की लहरों की चपेट में आकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की असमय मौत हो गई, जिनमें 13 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं। ये सभी मृतक दक्षिण भारत के मोबाइल डिस्ट्रीब्यूटर्स थे, जो मोबाइल निर्माता कंपनी 'लावा इंटरनेशनल' की ओर से आयोजित एक इंसेंटिव ट्रिप पर वियतनाम के दौरे पर आए थे। खुशियों और मनोरंजन का यह सफर पल भर में एक बड़ी त्रासदी में बदल गया।
चश्मदीद की जुबानी, खौफनाक मंजर
इस भयावह हादसे में बाल-बाल बचे तमिलनाडु के पलानी निवासी निर्मल कुमार ने घटना के उन खौफनाक पलों को साझा किया। उन्होंने बताया कि लगभग 39 लोग दोपहर के भोजन के लिए इस पूरी तरह से कवर्ड (बंद) बोट पर सवार हुए थे। बोट अभी तट से आधा किलोमीटर की दूरी भी तय नहीं कर पाई थी कि समंदर में अचानक उठी एक बेहद ऊंची और शक्तिशाली लहर उससे टकरा गई। बोट पर क्षमता से अधिक वजन होने की भी आशंका थी, जिसके कारण कुछ ही सेकेंडों में नाव पूरी तरह पलट गई। निर्मल कुमार और उनके मित्र बोट के अगले हिस्से में बैठे होने के कारण पानी में कूदकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन पिछले हिस्से में बैठे लोग बोट के बंद ढांचे के कारण भीतर ही कैद होकर रह गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आईं बड़ी चुनौतियां
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वियतनाम कोस्ट गार्ड ने 2 हाई-स्पीड रेस्क्यू बोट और 40 से अधिक अधिकारियों के साथ तुरंत मोर्चा संभाला। बचाव कार्य में शामिल एक स्थानीय बोट ऑपरेटर ने बताया कि वे महज 5 मिनट में घटना स्थल पर पहुंच गए थे, लेकिन स्पीडबोट के चारों तरफ से बंद होने के कारण भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। दम घुटने के कारण कई लोग अंदर ही अचेत हो चुके थे। कड़ी मशक्कत के बाद कुल 36 लोगों में से 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें 17 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स शामिल हैं। बचाए गए लोगों में से 2 की हालत अभी भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
मृतकों की पहचान और परिवारों में कोहराम
वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 पर्यटकों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। मृतकों में तमिलनाडु के 10 सैलानी, आंध्र प्रदेश के 3 निवासी (रवि तेजा, मुदियम श्रीधर और गेल्ली जया लक्ष्मी) तथा केरल के कोट्टाराकारा के प्रसिद्ध व्यवसायी ए.सी. थॉमस और उनकी पत्नी लोवेनी थॉमस शामिल हैं। इस भीषण त्रासदी की खबर जैसे ही भारत में पीड़ितों के घरों तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। मृतक रवि तेजा के भाई ने बताया कि वे 8 जुलाई को ही इस ट्रिप पर गए थे और परिवार अब भी इस दुखद सच को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। वहीं, मुदियम श्रीधर का परिवार जो दो दिनों में उनकी घर वापसी की उम्मीद लगाए बैठा था, वह इस खबर के बाद पूरी तरह टूट चुका है।

More Stories
पीओके में बढ़ते विरोध के बीच मुनीर का बड़ा कदम, 4,000 जवानों की मांग
नेतन्याहू के बेटे ने अपने नाम से पिता का सरनेम हटाया
वियतनाम में पर्यटकों से भरी नाव डूबी, 15 लोगों की मौत; कई लापता, रेस्क्यू जारी