चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों और फेरबदल को लेकर जारी आंतरिक कलह के कारण राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और विभिन्न गुटों के बीच जारी खींचतान ने आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस बड़े सियासी संकट के बीच अब हर किसी की निगाहें सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आगामी फैसले और रुख पर टिक गई हैं, जिसे राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रही है।
कलह शांत करने के लिए प्रभारी भूपेश बघेल का चंडीगढ़ दौरा
पार्टी के अंदर मचे इस घमासान और गतिरोध को दूर करने के लिए पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे संकट का समाधान निकालने और गुटबाजी को खत्म करने के उद्देश्य से पिछले चार दिनों से लगातार चंडीगढ़ में डेरा डाले हुए हैं। इस दौरान वे रूठे हुए नेताओं और विभिन्न गुटों के पदाधिकारियों से लगातार मैराथन बैठकें कर रहे हैं, ताकि सर्वसम्मति से कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके।
चन्नी के अगले कदम पर टिकीं सबकी निगाहें
इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। संगठन में पदों के बंटवारे को लेकर उपजे इस असंतोष के बीच चन्नी का अगला कदम पंजाब कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय कर सकता है। प्रभारी बघेल की कोशिश है कि चन्नी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं को भरोसे में लेकर विवाद को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाए, जिससे आगामी चुनौतियों से पहले संगठन को एकजुट रखा जा सके।

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