बेटी की शादी में पहुंचा अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का दोषी अबरार, आज होगी जेल वापसी

उज्जैन। वर्ष 2008 में अहमदाबाद में हुए भीषण सीरियल बम धमाकों के दोषी और आजीवन कारावास की सजा काट रहे आतंकी अबरार खान को कड़ी सुरक्षा के बीच मध्य प्रदेश के उज्जैन लाया गया। उसके यहां आगमन को देखते हुए शहर के बेगमबाग इलाके में सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अबरार खान को न्यायालय से विशेष अनुमति मिलने के बाद साबरमती जेल से यहां लाया गया था, ताकि वह अपनी बेटी के विवाह समारोह में शिरकत कर सके। रविवार को निकाह की रस्में पूरी होने के बाद, सोमवार को उसे वापस अहमदाबाद की साबरमती जेल भेज दिया जाएगा।

बेटी के निकाह के लिए मिली अदालती राहत और सुरक्षा घेरा

स्थानीय महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल से मिली जानकारी के मुताबिक, साबरमती जेल में बंद अबरार खान को उसकी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट ने पैरोल या विशेष अनुमति दी थी। इसके बाद गुजरात पुलिस की एक विशेष टीम उसे उज्जैन लेकर पहुंची। रविवार को बेगमबाग क्षेत्र में जब निकाह की रस्में चल रही थीं, तब सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए गुजरात पुलिस के साथ स्थानीय महाकाल थाना और पुलिस लाइन का अतिरिक्त बल चौबीसों घंटे तैनात रहा। समारोह के दौरान आतंकी की हर एक गतिविधि और मिलने-जुलने वाले लोगों पर खुफिया नजर रखी जा रही थी, और अब तय कार्यक्रम के अनुसार पुलिस टीम उसे वापस गुजरात ले जाएगी।

अहमदाबाद धमाकों का काला इतिहास और उज्जैन का कनेक्शन

जुलाई 2008 में गुजरात के अहमदाबाद शहर को दहलाने वाले इस आतंकी घटनाक्रम में कुल 21 सिलसिलेवार धमाके हुए थे, जिन्होंने महज 70 मिनट के भीतर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस कायरतापूर्ण हमले में 56 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जबकि 200 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। जांच के दौरान देश की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने देश भर से 50 से अधिक संदिग्धों को दबोचा था। इस खूनी साजिश के तार उज्जैन से भी जुड़े थे, जहां से कुल चार आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी; इनमें कमरूद्दीन नागौरी, मोहम्मद शफीक अंसारी, मोहम्मद अबरार खान और महिदपुर निवासी सफदर नागौरी मुख्य रूप से शामिल थे।

अदालती फैसला: पूर्व में आए अन्य दोषी और सजा का ब्यौरा

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के इस बेहद संवेदनशील मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2022 में विशेष अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। न्यायालय ने कुल 49 दोषियों को सजा मुकर्रर की थी, जिनमें से अपराध की गंभीरता को देखते हुए 38 आतंकियों को सीधे फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई गई थी, जबकि अबरार खान सहित 11 अन्य दोषियों को ताउम्र जेल (आजीवन कारावास) में रहने का हुक्म दिया गया था। इसी मामले से जुड़ा उज्जैन का एक और दोषी मोहम्मद शफीक अंसारी भी पिछले साल जून में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल पर इसी तरह कड़े पहरे के बीच उज्जैन आ चुका है।