अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी बैठक: इस्तीफे से लेकर चढ़ावा चोरी तक कई मुद्दों पर चर्चा

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (दान राशि में हेराफेरी) के बड़े विवाद के बीच 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' की आज बेहद अहम और आपातकालीन बैठक होने जा रही है। दोपहर 3 बजे होने वाली इस बैठक पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए इस महत्वपूर्ण बैठक का स्थान बदलकर राम जन्मभूमि परिसर ही कर दिया गया है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर अंतिम फैसला

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद नैतिक आधार पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। आज की बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा इन दोनों के इस्तीफों पर विचार करना है। हालांकि, ट्रस्ट के नियमों के अनुसार किसी भी पदाधिकारी का इस्तीफा सीधे स्वीकार करने से पहले उनसे पक्ष मांगा जाना जरूरी है। बैठक में दोनों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेगा। यदि इस्तीफे स्वीकार होते हैं, तो नए प्रशासनिक ढांचे पर विचार किया जाएगा।

SIT की शुरुआती रिपोर्ट और घोटाले की समीक्षा

राम मंदिर में दान राशि की हेराफेरी उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है। हाल ही में पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। आज की बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों के सामने एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट को रखा जा सकता है, जिसमें इस बात का ब्योरा होगा कि अब तक कुल कितने पैसों का गबन हुआ है और इसमें प्रशासनिक स्तर पर क्या चूक हुई।

मंदिर प्रबंधन के नए ढांचे और CEO की नियुक्ति पर चर्चा

विवाद सामने आने के बाद मंदिर के दैनिक कार्यों, सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन को लेकर बड़े सवाल खड़े हुए हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास ही चढ़ावे की गणना और प्रबंधन की जिम्मेदारी थी। अब भविष्य में मंदिर प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी और पेशेवर बनाने के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति किए जाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है, जो पूरे प्रबंधन को संभालेगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय पत्रक को मंजूरी

बैठक के एजेंडे में ट्रस्ट का वित्तीय लेखा-जोखा भी शामिल है। इसके तहत पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के अनऑडिटेड (Unaudited) आय-व्यय पत्रक, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय विवरणों को समीक्षा के लिए सदस्यों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा और ट्रस्ट इस पर अपनी आधिकारिक मंजूरी दे सकता है।

वरिष्ठ अधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी

कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी द्वारा बुलाई गई इस बैठक में कई बड़े चेहरे शामिल हो रहे हैं। पदेन सदस्यों में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, यूपी के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा मौजूद रहेंगे। वहीं, खराब स्वास्थ्य के बावजूद ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास और वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए) इस बैठक का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा, विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका पर भी चर्चा की उम्मीद है।