भरतपुर:राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह-सुबह एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया। यहाँ अलसुबह मजदूरी के लिए जा रही श्रमिक महिलाओं से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। ट्रॉली पलटते ही उसमें सवार असहाय महिला मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। यह भीषण हादसा रायपुर गांव के समीप घटित हुआ, जिसमें दो महिला मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद घटना स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने मानवीय संवेदना दिखाते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इस दुखद घटना के बाद से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मजदूरी पर निकलते ही रास्ते में काल बनी ट्रैक्टर-ट्रॉली
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वैर क्षेत्र के आस-पास के गांवों की करीब डेढ़ दर्जन महिलाएं रोज की तरह गुरुवार को भी मजदूरी करने के लिए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर घर से निकली थीं। सुबह करीब 7 बजे जैसे ही ट्रैक्टर-ट्रॉली रायपुर गांव के मुख्य मार्ग के पास पहुंची, अचानक वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। रफ्तार तेज होने के कारण ट्रैक्टर लहराया और सड़क किनारे गहरे गड्ढे की तरफ पलट गया। भारी-भरकम ट्रॉली के नीचे कई महिलाएं बुरी तरह दब गईं। खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने जब महिलाओं की चीखें सुनीं, तो वे तुरंत मौके की तरफ दौड़े और अपनी जान की परवाह किए बिना ट्रॉली के नीचे फंसी लहूलुहान महिलाओं को बाहर निकालना शुरू किया। इसी बीच किसी जागरूक नागरिक ने स्थानीय पुलिस को इस भीषण एक्सीडेंट की सूचना दे दी।
दो महिलाओं ने तोड़ा दम और मची चीख-पुकार
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस की टीम बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया। पुलिस और ग्रामीणों ने सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से वैर के उपजिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इस हादसे में दो श्रमिक महिलाओं को डॉक्टर बचा नहीं सके और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान 31 वर्षीय धौली पत्नी दानसिंह और 40 वर्षीय मिथलेश पत्नी वीरेंद्र के रूप में हुई है। इन दोनों महिलाओं की असमय मौत ने उनके परिवारों को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है, क्योंकि वे मेहनत-मजदूरी कर अपने घर का खर्च चलाने में हाथ बंटाती थीं।
दर्जनों घायल महिलाएं भरतपुर जिला अस्पताल रेफर
इस दर्दनाक हादसे में करीब एक दर्जन अन्य मजदूर महिलाएं भी गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं, जिनका प्राथमिक उपचार स्थानीय अस्पताल में किया गया। हालांकि, कई महिलाओं के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर फ्रैक्चर होने तथा अंदरूनी चोटें आने के कारण उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित आरबीएम अस्पताल भरतपुर रेफर कर दिया है। जिला अस्पताल में घायल महिलाओं के इलाज के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की एक विशेष टीम को तैनात किया गया है, जो लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायलों को सभी जरूरी आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
घटनास्थल का निरीक्षण और पुलिसिया जांच शुरू
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू करवाया। पुलिस ने दोनों मृत महिलाओं के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस का मानना है कि ट्रैक्टर की रफ्तार अत्यधिक होने या किसी तकनीकी खराबी के कारण ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलटी है। फिलहाल पुलिस ने फरार ट्रैक्टर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के अन्य सभी तकनीकी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।

More Stories
खेत में उतरे भाजपा जिलाध्यक्ष, ट्रैक्टर चलाकर किसानों का बढ़ाया हौसला
सोशल मीडिया पर मदद की पुकार, नोएडा पुलिस की फुर्ती से टला बड़ा हादसा
₹8 करोड़ से बना ITI कॉलेज बना शोपीस, 11 साल बाद भी नहीं शुरू हुई पढ़ाई