20 Types Of Dosa: एक डोसा, 20 अंदाज! हर वैरायटी का स्वाद है सबसे अलग

जब भी बात चटपटे, हल्के और पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजनों की आती है, तो जुबां पर सबसे पहला नाम 'डोसा' का ही आता है। अपनी क्रिस्पी बनावट और लाजवाब स्वाद के दम पर डोसा आज सिर्फ दक्षिण भारत के राज्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश-विदेश के हर कोने में लोगों का सबसे पसंदीदा ब्रेकफास्ट और मील बन चुका है। बदलते दौर और फूड लवर्स के नए-नए कल्पनाव्रत प्रयोगों के चलते डोसे के पारंपरिक स्वरूप में कई मजेदार बदलाव हुए हैं। यही वजह है कि आज आधुनिक रेस्तरां और स्ट्रीट फूड कॉर्नर्स पर डोसे की दर्जनों अनूठी वैरायटी देखने और चखने को मिल रही हैं।

आमतौर पर आलू मसाले वाले या सादे डोसे का स्वाद तो हर किसी ने चखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी सेहत से भरपूर पालक, चुकंदर, मेथी और रागी डोसा या फिर बच्चों का पसंदीदा चॉकलेट डोसा ट्राई किया है? आज के समय में हर वैरायटी की अपनी एक अनूठी खासियत और बनाने की अलग कला है। आइए जानते हैं डोसे के ऐसे ही 20 लाजवाब प्रकारों के बारे में, जो आपके खाने के जायके को दोगुना कर देंगे।

घर पर होटल जैसा क्रिस्पी डोसा बनाने के खास टिप्स

यदि आप घर की रसोई में ही बाजार जैसा परफेक्ट और कुरकुरा डोसा तैयार करना चाहते हैं, तो इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें:

  • फर्मेंटेशन: डोसे के चावल और दाल के घोल (बैटर) को कम से कम 7 से 8 घंटे तक अच्छी तरह खमीर उठने (फर्मेंट होने) के लिए छोड़ें।

  • तवे का तापमान: डोसा फैलाने से पहले तवा पूरी तरह गर्म होना चाहिए। बैटर डालने से ठीक पहले तवे पर पानी की कुछ बूंदें छिड़ककर आंच को धीमा करें।

  • घी या तेल का सही इस्तेमाल: तवे पर बैटर को बेहद पतला और गोलाकार फैलाने के बाद ही किनारों पर थोड़ा सा घी, मक्खन या तेल लगाएं।

  • सेंकने का तरीका: डोसे को हमेशा मध्यम आंच पर तब तक पकने दें जब तक कि वह खुद ब खुद किनारों को न छोड़ दे। इसे पारंपरिक नारियल की चटनी और गरमा-गरम सांभर के साथ परोसें।

जीभ का स्वाद बदलने वाले डोसा के 20 अनोखे प्रकार

1. मसाला डोसा: विश्व भर में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला यह पारंपरिक डोसा है, जिसके भीतर उबले हुए आलू, प्याज और राई का तड़का लगा हुआ लजीज मसाला भरा जाता है।

2. प्लेन डोसा: बिना किसी स्टफिंग के बनने वाला यह डोसा बेहद पतला और कुरकुरा होता है। जो लोग हल्का और सादा नाश्ता पसंद करते हैं, यह उनके लिए सबसे उत्तम है।

3. पेपर डोसा: अपने विशाल आकार और कागज जैसी पतली बनावट के लिए मशहूर यह डोसा एक्स्ट्रा क्रिस्पी होता है और अक्सर डाइनिंग टेबल पर आकर्षण का केंद्र बनता है।

4. रवा डोसा: इसे सूजी, मैदा और छाछ के पतले घोल से तुरंत तैयार किया जाता है। इसमें बैटर को फर्मेंट करने की जरूरत नहीं होती और इसका जालीदार टेक्सचर बहुत क्रंची लगता है।

5. मैसूर मसाला डोसा: इस वैरायटी में डोसे के अंदरूनी हिस्से पर लहसुन, सूखी लाल मिर्च और चने की दाल से बनी तीखी चटनी की परत लगाई जाती है, जो इसे बेहद स्पाइसी बनाती है।

6. सेट डोसा: यह आम डोसे की तरह क्रिस्पी न होकर बेहद स्पंजी, सॉफ्ट और मोटा होता है। इसे अमूमन तीन के सेट में मिक्स वेजिटेबल सागू या कुर्मा के साथ परोसा जाता है।

7. उत्तपम: डोसे के घोल से ही बनने वाला यह एक मोटा और पैनकेक जैसा व्यंजन है, जिसके ऊपर बारीक कटे हुए प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च और हरी मिर्च की टॉपिंग की जाती है।

8. अनियन डोसा: सादे डोसे के ऊपर बारीक कटे हुए कच्चे या हल्के भुने प्याज और हरी मिर्च का छिड़काव किया जाता है, जो हर बाइट में एक क्रंची और मीठा स्वाद देता है।

9. नीर डोसा: कर्नाटक के तटीय इलाकों की यह बेहद मशहूर डिश है, जिसे चावल के पानी जैसे पतले घोल से बनाया जाता है। यह दिखने में एकदम सफेद और रुई जैसा मुलायम होता है।

10. चीज डोसा: आज की युवा पीढ़ी और बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय इस फ्यूजन डोसे में भरपूर मात्रा में मोजारेला या प्रोसेस्ड चीज कद्दूकस करके डाली जाती है।

11. चुकंदर (बीटरूट) डोसा: बैटर के अंदर चुकंदर की प्यूरी मिलाकर इसे बनाया जाता है, जिससे इसका रंग प्राकृतिक रूप से गुलाबी हो जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर और सेहतमंद होता है।

12. पालक डोसा: इसमें ताजी पालक के पत्तों का पेस्ट मिलाकर घोल तैयार किया जाता है। आयरन और विटामिंस से भरपूर यह डोसा बच्चों को हरी सब्जियां खिलाने का एक बेहतरीन जरिया है।

13. मेथी डोसा: सर्दियों के मौसम में चाव से खाए जाने वाले इस डोसे में मेथी के दानों या ताजी मेथी की पत्तियों का उपयोग किया जाता है, जो पाचन और शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद है।

14. गाजर डोसा: गाजर के रस या कद्दूकस की हुई गाजर के मिश्रण से तैयार यह डोसा विटामिन-ए का एक शानदार स्रोत है, जो स्वाद के साथ सेहत भी देता है।

15. चॉकलेट डोसा: डेजर्ट लवर्स के लिए यह एक अनोखा प्रयोग है, जिसमें पके हुए डोसे के ऊपर चॉकलेट सॉस, नट्स और कभी-कभी वैनिला आइसक्रीम डालकर परोसा जाता है।

16. मूंग दाल डोसा (पेसरट्टू): आंध्र प्रदेश की इस पारंपरिक डिश को बिना चावल के, सिर्फ भीगी हुई हरी मूंग दाल से बनाया जाता है, जो प्रोटीन का एक हाई-सोर्स है।

17. मल्टीग्रेन डोसा: स्वास्थ्य के प्रति सचेत (हेल्थ कॉन्शियस) लोगों के लिए यह बेस्ट है, जिसमें रागी, बाजरा, ज्वार, ओट्स और चावल को मिलाकर हाई-फाइबर बैटर तैयार किया जाता है।

18. पनीर डोसा: जिम जाने वाले और प्रोटीन डाइट लेने वालों की यह पहली पसंद है। इसमें पनीर और भुने हुए मसालों की स्वादिष्ट स्टफिंग की जाती है।

19. पोडी डोसा: इस वैरायटी में डोसे के ऊपर दक्षिण भारत का मशहूर 'गनपाउडर' (मसालेदार पोडी पाउडर) और शुद्ध देसी घी की कोटिंग की जाती है, जो बहुत खुशबूदार और तीखा होता है।

20. इडली डोसा: यह छोटे और गोल आकार का बेहद सॉफ्ट डोसा होता है, जिसे कम तेल में पकाया जाता है। बच्चों के स्कूल टिफिन और शाम के स्नैक्स के लिए यह बेहद उपयुक्त माना जाता है।