रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर इजराइल, स्वदेशी हथियार निर्माण पर जोर

तेल अवीव:इजराइल के प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा और रक्षा नीतियों को लेकर एक बेहद बड़ा और रणनीतिक बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इजराइल को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब अमेरिका पर अपनी सैन्य और हथियारों की निर्भरता को धीरे-धीरे कम करना होगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए इजराइल को अब आत्मनिर्भर बनना होगा और अपने अत्याधुनिक रक्षा उपकरण व हथियार खुद बनाने की क्षमता (सेल्फ-रिलायंस) तेजी से विकसित करनी होगी।

अमेरिका पर निर्भरता कम करने की वजह

इजराइल लंबे समय से आधुनिक हथियारों, मिसाइल डिफेंस सिस्टम (जैसे आयरन डोम के इंटरसेप्टर्स) और सैन्य फंड के लिए बहुत हद तक अमेरिका पर निर्भर रहा है। हालांकि, हाल के दिनों में वैश्विक राजनीति और आंतरिक अमेरिकी राजनीति के बदलते रुख को देखते हुए इजराइली नेतृत्व को यह अहसास हुआ है कि किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर रहना दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

घरेलू रक्षा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

इस फैसले के बाद अब इजराइल अपने घरेलू रक्षा विनिर्माण (डोमेस्टिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग) पर निवेश बढ़ाएगा। इजराइल की राफेल (Rafael), एलबिट सिस्टम्स (Elbit Systems) और इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) जैसी दिग्गज कंपनियां अब घरेलू स्तर पर ही बड़े पैमाने पर हथियारों और गोला-बारूद का उत्पादन शुरू करेंगी, ताकि विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता खत्म की जा सके। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते के बाद मध्य-पूर्व (मिडल-ईस्ट) के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और इजराइल अपनी भविष्य की सुरक्षा प्राथमिकताओं को नए सिरे से तय कर रहा है।