सदाबहार जवां और खूबसूरत दिखना हम सबकी चाहत होती है। इस ख्वाहिश को हकीकत में बदलने के लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स, क्रीम और न जाने क्या-क्या उपाय करते हैं। इसके बावजूद, कई बार मनमुताबिक परिणाम नहीं मिल पाते। असल में, हमारी रोजमर्रा की कुछ ऐसी गंभीर गलतियां होती हैं, जो त्वचा की प्राकृतिक चमक को अंदर से खत्म कर देती हैं। इन आदतों की वजह से शरीर में 'कोलेजन' (Collagen) का उत्पादन तेजी से घटने लगता है, जिसके परिणामस्वरूप उम्र से पहले ही चेहरे पर झुर्रियां, महीन रेखाएं और बुढ़ापे के लक्षण साफ दिखाई देने लगते हैं।
त्वचा, बाल और हड्डियों का आधार है 'कोलेजन'
कोलेजन एक विशेष प्रकार का प्रोटीन है, जो हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से बनता है। यह हमारी त्वचा में लचीलापन और कसाव बनाए रखने के साथ-साथ बालों की मजबूती और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। जब शरीर में इसका स्तर गिरने लगता है, तो त्वचा अपनी प्राकृतिक रंगत खोने लगती है और ढीली पड़ जाती है। आइए जानते हैं उन 5 आदतों के बारे में जो कोलेजन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं:
1. अत्यधिक मीठी चीजों का सेवन (रिफाइंड शुगर)
यदि आप मीठे पकवानों, चॉकलेट या कोल्ड ड्रिंक्स के शौकीन हैं, तो सावधान हो जाएं। जरूरत से ज्यादा चीनी खाने से शरीर में 'ग्लाइकेशन' (Glycation) नामक एक हानिकारक रासायनिक प्रक्रिया तेज हो जाती है। यह प्रक्रिया कोलेजन प्रोटींस को कड़ा और बेजान बना देती है, जिससे नए कोलेजन का बनना बंद हो जाता है। लंबे समय तक ऐसा होने से चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां नजर आने लगती हैं। मीठे की लत से बचने के लिए रिफाइंड चीनी की जगह सीमित मात्रा में शहद या देसी गुड़ का इस्तेमाल करना एक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है।
2. धूम्रपान (सिगरेट पीने की लत)
यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो यह आपकी त्वचा के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है। सिगरेट में पाया जाने वाला हानिकारक तत्व 'निकोटिन' शरीर की रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देता है, जिससे त्वचा की परतों तक ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) ठीक से नहीं हो पाता। खून का बहाव रुकने से त्वचा की कोशिकाओं तक पर्याप्त ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व (न्यूट्रिएंट्स) नहीं पहुंच पाते, जिससे त्वचा समय से पहले बूढ़ी और बेजान दिखने लगती है।
3. सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना (यूवी किरणों का हमला)
मौसम चाहे कड़कती धूप का हो, बरसात का हो या फिर सर्दियों का— घर से बाहर निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले चेहरे और गर्दन पर सनस्क्रीन लगाना बेहद अनिवार्य है। जब आप बिना सनस्क्रीन के धूप में निकलते हैं, तो सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (यूवी) किरणें त्वचा की गहराई में जाकर कोलेजन के स्ट्रक्चर को तोड़ देती हैं। इसके कारण चेहरे पर फाइन लाइन्स, झाइयां और काले धब्बे (पिगमेंटेशन) तेजी से उभरने लगते हैं।
4. अधूरी नींद और खराब स्लीपिंग पैटर्न
क्या आप भी रात में देर तक जागते हैं और अपनी नींद से समझौता करते हैं? पर्याप्त नींद न लेना भी शरीर में कोलेजन घटने का एक मुख्य कारण है। जब हम गहरी और सुकून की नींद सोते हैं, तब हमारा शरीर 'सेलुलर रिपेयर मोड' में जाता है, यानी त्वचा खुद की कमियों को ठीक करती है और नया कोलेजन बनाती है। नींद पूरी न होने से शरीर को खुद को रिपेयर करने का समय नहीं मिलता, जिससे आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स और चेहरे पर थकान व ढीलापन साफ नजर आने लगता है।
5. मानसिक तनाव (क्रोनिक स्ट्रेस)
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कभी-कभार तनाव होना सामान्य है, लेकिन जब आप लगातार मानसिक तनाव या अवसाद से घिरे रहते हैं, तो शरीर में 'कोर्टिसोल' (Cortisol) नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है। कोर्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर सीधे तौर पर कोलेजन को नष्ट करने का काम करता है। अत्यधिक मानसिक तनाव की वजह से त्वचा अपनी स्वाभाविक चमक खो देती है, जिससे चेहरा पूरी तरह डल और अस्वस्थ दिखाई देने लगता है।

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