भोपाल। चुनावों के बीच कांग्रेस पार्टी को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। पार्टी की कद्दावर नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच के बाद रद्द कर दिया गया है। चुनाव अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) ने यह बड़ा फैसला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक गंभीर शिकायत के बाद लिया है। इस अचानक आए फैसले की वजह से इलाके का चुनावी माहौल पूरी तरह से बदल गया है।
क्या है पूरा मामला और भाजपा का आरोप?
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा के कानूनी दल और उनके प्रतिनिधियों ने मीनाक्षी नटराजन के फॉर्म पर एक बड़ी आपत्ति जताई। भाजपा का आरोप था कि कांग्रेस उम्मीदवार ने अपने चुनावी हलफनामे (शपथ पत्र) में एक बेहद जरूरी जानकारी को जानबूझकर छिपाया है। शिकायत में कहा गया था कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है, जिसकी जानकारी उन्होंने नियमों के मुताबिक अपने नामांकन पत्र में नहीं दी।
जांच के बाद चुनाव अधिकारी का कड़ा फैसला
भाजपा की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चुनाव अधिकारी ने दोनों पक्षों की बात और दलीलों को सुना। दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने के बाद अधिकारी ने पाया कि हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप सच है। इसके बाद चुनाव नियमों के उल्लंघन के कारण मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म तुरंत रद्द कर दिया गया।
कांग्रेस में हड़कंप और भाजपा के तीखे वार
ऐन वक्त पर अपने मुख्य उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने से कांग्रेस खेमे में मायूसी और हड़कंप का माहौल है। इसे पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान माना जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाएंगे और अदालत या बड़े अधिकारियों के पास जाएंगे। दूसरी तरफ, भाजपा इस फैसले के बाद पूरी तरह हमलावर है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि कांग्रेस हमेशा से नियमों की अनदेखी करती आई है और इस फैसले ने साबित कर दिया है कि चुनाव में ईमानदारी और पारदर्शिता सबसे जरूरी है।

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