मुल्लांपुर: भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान को एक पारी और 300 रनों के विशाल अंतर से हराकर अपने टेस्ट क्रिकेट इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। हालांकि, इस बड़ी कामयाबी के बीच एक मायूसी वाली बात यह रही कि चंडीगढ़ की 40 डिग्री सेल्सियस की झुलसा देने वाली गर्मी के कारण महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम पूरी तरह खाली पड़ा था। भारत की इस ऐतिहासिक जीत का गवाह बनने के लिए मैदान पर मुट्ठी भर दर्शक ही मौजूद थे। आपको बता दें कि यह मुकाबला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा नहीं था। भारत के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेल रहे युवा गेंदबाज मानव सुथार इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे, जिन्होंने महज 33 रन देकर 6 विकेट चटकाए, जबकि दूसरी पारी में वॉशिंगटन सुंदर ने 4 विकेट लेकर अफगानिस्तान की कमर तोड़ दी।
मैच का लेखा-जोखा: पहली पारी से फॉलोऑन तक
इस मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। भारत ने अपनी पहली पारी 8 विकेट के नुकसान पर 564 रनों का विशाल स्कोर बनाकर घोषित की। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और मैच के तीसरे दिन अपनी पहली पारी में महज 152 रनों पर ही ढेर हो गई। पहली पारी के आधार पर भारत को 412 रनों की भारी-भरकम बढ़त मिली, जिसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन (दोबारा बल्लेबाजी) देने का फैसला किया। दूसरी पारी में भी अफगान टीम का फ्लॉप शो जारी रहा और पूरी टीम 35.5 ओवरों में सिर्फ 112 रन ही बना सकी। अफगानिस्तान का एक खिलाड़ी चोटिल होने के कारण मैदान पर बैटिंग करने नहीं आ सका, जिससे भारत ने आसानी से यह मैच जीत लिया।
मानव सुथार ने रचा इतिहास, बने 'मैन ऑफ द मोमेंट'
यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट में बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार के शानदार डेब्यू के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने अपने करियर की पहली ही टेस्ट पारी में 22 ओवर फेंककर सिर्फ 33 रन दिए और 6 विकेट झटकने का अद्भुत कारनामा कर दिखाया। हालांकि, यह बेहद निराशाजनक रहा कि जब सुथार मैदान पर इस दुर्लभ और ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल कर रहे थे, तब स्टेडियम में उनका उत्साह बढ़ाने के लिए बमुश्किल 500 लोग ही मौजूद थे। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही मानव सुथार अपने डेब्यू टेस्ट मैच की एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले भारत के 10वें गेंदबाज बन गए हैं। इसके साथ ही वह अपने पहले ही टेस्ट में यह मुकाम हासिल करने वाले देश के सातवें स्पिनर भी बने हैं।

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