भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के दौर ने प्रदेश के लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। जून महीने की शुरुआत भी इसी तरह के उतार-चढ़ाव भरे मौसम के साथ हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
आज कई जिलों में भारी बारिश और ओलों का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज विशेष रूप से धार और खरगोन जिलों के लिए भारी बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत कई अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
नौतपा में भी बेअसर रही गर्मी की तपिश
आमतौर पर नौतपा के दिनों में पूरा मध्यप्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहता है, लेकिन इस बार लगातार हो रही प्री-मानसून गतिविधियों ने गर्मी के तेवरों को ठंडा कर दिया। नौतपा के सातवें दिन रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ पानी गिरा। इस बेमौसम बारिश का सीधा असर तापमान पर पड़ा, जिससे पूरे प्रदेश में अधिकतम पारा 42 डिग्री सेल्सियस के नीचे ही सिमट कर रह गया।
प्रमुख शहरों में गिरा पारा, पचमढ़ी रहा सबसे ठंडा
रविवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान शाजापुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं दूसरी ओर, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां का तापमान महज 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे प्रदेश के प्रमुख महानगरों में भी तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे लोगों को चुभती गर्मी से काफी राहत मिली।

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