‘पैसा न मिले तो मेरे पास आना, मेरा ही विभाग है…’: पंचायत मंत्री का फरियादियों को बड़ा भरोसा

कुरुक्षेत्र | "यदि आगामी 15 दिनों के भीतर आपके रोके गए पैसे वापस नहीं मिले, तो सीधे मेरे पास चले आना। मैं स्वयं इस मामले को देखूंगा क्योंकि यह मेरा ही महकमा है। लापरवाही बरतने वाले अफसरों को मैं कतई नहीं बख्शता।" हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जिला सचिवालय में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक के दौरान एक पीड़ित को ढाढस बंधाते हुए यह बात कही। कैबिनेट मंत्री के इस सख्त रुख को देखकर बैठक में पहुंचे अन्य फरियादियों के मन में भी न्याय की आस जगी। इस बैठक में अध्यक्ष के तौर पर मंत्री ने कुल 12 जनसमस्याओं की सुनवाई की, जिनमें से 6 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया और शेष 6 पर त्वरित जांच के आदेश दिए गए।

60 लाख के अटके भुगतान पर मंत्री सख्त, डिपो घोटाले में गिरफ्तारी के आदेश

बैठक में अजरानी के निवासी संतोष कुमार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान हंसाला, लुखी और उदारसी सहित कई गांवों में लाखों की लागत से इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने का कार्य किया गया था। इस कार्य के कुल 60 लाख रुपये के बिल में से उन्हें केवल 10 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया, जबकि बाकी की रकम के लिए वे पिछले कई सालों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को 15 दिन के भीतर बकाया राशि चुकाने का हुक्म दिया। इसके अलावा, लाडवा निवासी सोनू नारंग की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मंत्री पंवार ने पुलिस को निर्देश दिए कि अवैध रूप से राशन डिपो चलाने वाले आरोपी नरेश गर्ग को जांच में शामिल किया जाए और इस मिलीभगत में शामिल खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर व सब-ईस्पेक्टर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

सुस्त कार्यप्रणाली पर डीटीपी विभाग को फटकार, अंसल सिटी के लिए बनाई कमेटी

कष्ट निवारण समिति की बैठक में अंसल सुशांत सिटी के प्रधान ईश्वर सिंह और अन्य पदाधिकारियों ने वहां की बदहाल स्थिति को लेकर अपनी आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (DTP) विभाग की घोर लापरवाही के कारण वहां के करीब 2500 नागरिक नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जहां बिजली, पानी और सीवरेज की बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। निवासियों ने कहा कि डीटीपी इस कदर सुस्त विभाग है जो किसी भी आधिकारिक पत्र का जवाब तक नहीं देता। इस शिकायत पर कैबिनेट मंत्री ने एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया, जो 15 दिनों के भीतर स्थानीय नागरिकों से बात कर अपनी रिपोर्ट उपायुक्त (डीसी) को सौंपेगी। वहीं, तंगोर ग्राम पंचायत द्वारा 22 किलोमीटर लंबी सड़क में से महज 100 मीटर का टुकड़ा वर्षों से अधूरा छोड़ने की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग (PWD) को जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।

कांग्रेस विधायकों ने भी उठाई आवाज, मास्टर प्लान को लेकर लगाए आरोप

इस मासिक बैठक में विपक्षी दल कांग्रेस के तीनों स्थानीय विधायक—थानेसर से अशोक अरोड़ा, पिहोवा से मनदीप चट्ठा और शाहाबाद से रामकरण काला भी जनता की पैरवी करने पहुंचे। पूर्व मंत्री व विधायक अशोक अरोड़ा ने ज्योतिसर क्षेत्र के किसानों की जमीनों से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मामला कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुरुक्षेत्र विकास प्राधिकरण के 'मास्टर प्लान 2041' को कष्ट निवारण समिति के सदस्यों की सहमति और मंजूरी के बिना ही लगातार दूसरी बार राज्य सरकार के पास भेज दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है। हालांकि, बैठक के उपरांत विधायक अरोड़ा ने असंतोष जाहिर करते हुए यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा उठाए गए इन गंभीर मुद्दों पर कैबिनेट मंत्री की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।